डीआरडीओ के कर्नल की कॉल रिकॉर्ड लीक, सूबेदार पर जासूसी और हत्या की साजिश का आरोप
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी कर्नल कमलेश सिंह बिष्ट ने अपने निजी मोबाइल की कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) को अवैध तरीके से निकाले जाने और उनके खिलाफ जासूसी व हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
कर्नल ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी सीडीआर अवांछनीय लोगों के पास होना देश की सुरक्षा के लिए भी चिंताजनक है। उन्होंने सीधे तौर पर सहकर्मी रहे सूबेदार अजनीश पर यह षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। इस पर रायपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। शिकायतकर्ता अधिकारी की नजर में यह मामला जितना गंभीर है, उनकी शिकायत पर जांच शुरू करने में पुलिस पर उतनी ही ढिलाई बरतने का आरोप है। ये शिकायत लगभग नौ महीने से जिला पुलिस और एसटीएफ के बीच चक्कर काट रही थी।
कर्नल बिष्ट के अनुसार, उन्होंने पहले बीती नौ जनवरी को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और फिर सात फरवरी को थाना रायपुर में शिकायत दी थी। कर्नल का आरोप है कि उन्हें आज तक जांच के संबंध में कोई जानकारी तक नहीं दी गई। आखिरकार एसटीएफ ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करके रायपुर पुलिस को जांच के लिए भेजी। रायपुर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
