January 14, 2026

पांच दिन से धधक रहे फूलों की घाटी के जंगल, अब आसमानी मदद पर टिकी आस

फूलों की घाटी रेंज के पुलना भ्यूंडार जंगल में लगी आग बुझाने को अब आसमानी मदद की आस बची है, यानी बारिश, बर्फबारी या फिर हेली के जरिए ही इसे काबू किया जा सकता है। इसकी गंभीरता को देखते हुए शासन-प्रशासन भी क्षेत्र की स्थिति पर सेटेलाइट से नजर बनाए हुए है। इस पर काबू पाने के लिए मंगलवार को हेलिकॉप्टर से रेकी की गई। साथ ही ऊपर से पानी छिड़काव की संभावना तलाशी गई।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के फूलों की घाटी रेंज में पुलना भ्यूंडार के सामने वाली पहाड़ी पर नौ जनवरी से आग धधक रही है। वन विभाग की टीमों ने कई प्रयास कर लिए, लेकिन कठिन चट्टानी क्षेत्र होने से पहुंच नहीं पा रहे हैं। इसको लेकर सोमवार को वन विभाग ने जिला प्रशासन से हेलिकॉप्टर से आग बुझाने का अनुरोध किया था

इस पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शासन को मामले से अवगत कराया था। इसके बाद अब मंगलवार को हेलिकाप्टर से क्षेत्र की रेकी की गयी। सेटेलाइट इमेज से पता चला है कि आग फूलों की घाटी के दूसरी तरफ की पहाड़ी पर लगी है। करीब 15 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में है।

वन संरक्षक आकाश वर्मा ने बताया कि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई के जंगल में आग लगी है। यह बेहद दुर्गम क्षेत्र है जहां पहुंचना काफी मुश्किल है। पाला और धुंध की भी चुनौती है। बर्फबारी और बारिश न होने के कारण जंगल शुष्क है। आग दूसरे क्षेत्रों में न पहुंचे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले यूकाडा के हेलिकॉप्टर से आग बुझाने का होगा प्रयास, जरूरत पर वायुसेना भी तैयार
वनाग्नि पर शासन में भी हलचल है। इसके लिए प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई। उन्होंने अधिकारियों से अब तक किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी ली। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि पहले यूकाडा के हेलिकॉप्टर से आग बुझाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता पड़ी तो वायुसेना से मदद ली जाएगी।

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