July 11, 2026

डायग्नोस्टिक सेंटरों पर सख्ती, बिना मानकों के संचालन नहीं

जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड एवं रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन किए बिना किसी भी डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन नहीं किया जाएगा।

प्रशासन द्वारा पिछले छह महीनों से ऐसे सेंटरों के नए पंजीकरण और पहले से संचालित केंद्रों के नवीनीकरण की प्रक्रिया जारी है, जिसमें केवल उन्हीं संस्थानों को अनुमति दी जा रही है जो सभी सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड केंद्रों और रेडियो डायग्नोस्टिक संस्थानों को क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत चिकित्सा कचरे के सुरक्षित निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। अल्ट्रासाउंड सेवाएं देने वाले केंद्रों के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम का अनुपालन भी अनिवार्य किया गया है।

पंजीकरण और नवीनीकरण के दौरान स्वच्छता, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की वैध व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी जैसे मानकों की गहन जांच की जाएगी।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी आवेदनों की सख्ती से जांच की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.