मल्टी-नेशनल आईटी कंपनी में यौन उत्पीड़न और धार्मिक मतांतरण के खेल का पर्दाफाश: 7 जांबाज महिला पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों को किया गिरफ्तार,
Maharashtra 12 April 2026,
महाराष्ट्र के नासिक में एक नामी मल्टी-नेशनल आईटी कंपनी में पिछले चार साल से चल रहे यौन उत्पीड़न और धार्मिक मतांतरण के काले खेल का पर्दाफाश हुआ है। 7 जांबाज महिला पुलिस अधिकारियों ने अपनी पहचान और भेष बदलकर आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
पुलिस को उक्त मल्टी-नेशनल आईटी कंपनी के भीतर महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की लगातार सूचना मिल रही थी। पुलिस रणनीति के तहत 7 महिला अधिकारी कंपनी के अंदर चल रही एक मीटिंग में जा पहुंचीं। वहां उन्होंने देखा कि मुख्य आरोपी महिला कर्मचारियों के साथ सरेआम अनुचित व्यवहार और बदतमीजी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के लिए दफ्तर के 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
बता दें कि, यह मामला नासिक की इस कंपनी में पिछले चार सालों से चल रहे कथित उत्पीड़न से जुड़ा है। अब तक 6 लोगों के खिलाफ कुल 9 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन पर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाना।
जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास, हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणियां, कर्मचारियों को नमाज पढ़ने और जबरदस्ती मांसाहारी भोजन करने के लिए मजबूर करने के आरोप हैं। पीड़ितों में ज्यादातर 18 से 25 साल की युवतियां हैं।
दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने हिंदू धर्म का अपमान किया। तौसीफ ने शादी का वादा कर शोषण किया, जबकि दानिश ऑफिस की लॉबी में अश्लील हरकतें करता था। रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर महिलाओं को गलत तरीके से छूने और उनके वैवाहिक जीवन पर शर्मनाक कमेंट करने के आरोप हैं। हेड ऑफिसर ने इन्हें रोकने के बजाय बढ़ावा दिया। एक केस में तौसीफ, दानिश और रज़ा मेमन पर पीड़िता को जबरन नमाज पढ़ाने और मांसाहारी खाना खिलाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगा है। आसिफ अंसारी और शफी शेख जैसे आरोपियों पर महिला कर्मचारियों के शरीर पर गंदी टिप्पणियां करने और उनका पीछा करने के गंभीर आरोप हैं।
विशेष जांच दल एसआईटी का गठन
पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के आदेश पर एसीपी (क्राइम) मितके के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें एच आर विभाग की एक महिला भी शामिल है। उस पर आरोप है कि उसने यौन उत्पीड़न रोकने के नियमों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने आरोपियों को 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस ने अन्य पीड़ित महिलाओं से भी अपील की है कि वे बिना डरे आगे आएं और 9923323311 नंबर पर WhatsApp के जरिए संपर्क करें।
इस खुलासे के बाद इलाके में तनाव है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कंपनी के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पिछले दरवाजे से घुसने की कोशिश भी की, पुलिस बल ने प्रदर्शन कार्यों को समझा बूझाकर स्थिति को संभाला।
