July 29, 2026

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया “न्याय मित्र पोर्टल” का शुभारंभ:आमजन ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर त्वरित न्याय प्राप्त कर सकेंगे,

Dehradun, 12 April 2026,

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की पहल पर उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा, नैनीताल द्वारा आयोजित दो दिवसीय नॉर्थ ज़ोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का आज भव्य समापन हुआ। इस वर्ष सम्मेलन का विषय “ एनहेसिंग एक्सेस टू जस्टिस” तथा मुख्य थीम “जस्टिस बियोंड, राइट्स रिहैबिलिटेशन एंड रिफॉर्म फॉर द मोस्ट वल्नेरेबल” रही। सम्मेलन में भारत सरकार के कानून एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा “न्याय मित्र पोर्टल” का शुभारंभ किया गया, जिससे आमजन ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर त्वरित न्याय प्राप्त कर सकेंगे। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा एंटी-ड्रग जागरूकता वीडियो का शुभारंभ करते हुए युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। सम्मेलन में लोक अदालत, मध्यस्थता, नालसा पोर्टल एवं हेल्पलाइन सेवाओं के माध्यम से न्याय को आमजन तक पहुँचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया।

सम्मेलन के दौरान वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन, जेल सुधार, विचाराधीन बंदियों के अधिकार, एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास एवं महिलाओं व बच्चों के विधिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अलावा विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से न्याय तक पहुँच को सशक्त बनाने, वंचित वर्गों के अधिकारों के संरक्षण तथा न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री विक्रम नाथ द्वारा ई-बुकलेट का विमोचन भी किया गया।सम्मेलन में उत्तराखंड राज्य के समस्त जनपदों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष, सचिव एवं न्यायिक अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ क्षेत्रों में विधिक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने हेतु उत्तराखंड राज्य के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के लिए यूटिलिटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

यह सम्मेलन न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ एवं मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ है, जो समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों तक न्याय की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य को सुदृढ़ करता है।

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