विकसित भारत’ की हमारी यात्रा के केंद्र में भारत की युवा शक्ति है। हमारे युवाओं की प्रतिभा और कौशल ने दुनिया का भरोसा जीता है: प्रधानमंत्री मोदी,
Delhi 20 September 2026,
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले में अलग-अलग सरकारी संगठनों में नए नियुक्त युवाओं को 51 हजार से ज्यादा नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हजारों परिवारों के लिए बहुत खुशी की बात है और यह उम्मीदवारों की अपनी कड़ी मेहनत और उनके माता-पिता के बड़े त्याग का सम्मान है। श्री मोदी ने कहा, ‘विकसित भारत’ की हमारी यात्रा के केंद्र में भारत की युवा शक्ति है। हमारे युवाओं की प्रतिभा और कौशल ने दुनिया का भरोसा जीता है। दुनिया को हमारे इनोवेटर्स, उद्यमियों और ऊर्जावान युवाओं से बहुत उम्मीदें हैं। मुक्त व्यापार समझौते हमारे युवाओं के लिए अवसरों के नए रास्ते खोल रहे हैं। ये समझौते हमारे उद्यमियों के लिए नई साझेदारियों और बाज़ारों का रास्ता बनाते हैं और साथ ही युवाओं के लिए करियर के नए मौके भी पैदा करते हैं।
भविष्य की जरूरतों के हिसाब से कौशल विकास पर सरकार के लगातार फोकस के बारे में विस्तार से बताते हुए, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के प्रयास जैसी कई क्रांतिकारी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने पीएम-सेतु योजना पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत उद्योग की सीधी भागीदारी के साथ 60 हजार रुपए प्रति करोड़ रुपये के निवेश से एक हजार सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी कोशिश है कि युवाओं की शिक्षा और कौशल, बदलती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के साथ कदम मिलाकर चलें।”
प्रधानमंत्री ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी की तारीफ की और दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप हब के तौर पर देश की स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब लगभग आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं। उन्होंने छोटे शहरों के युवाओं की सराहना की जो अपने आइडिया पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, कंपनियां बना रहे हैं और अपने साथियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, “आज गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के युवा भी भारत की नई अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे हैं।”
निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने की रणनीति बताते हुए, प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ का उल्लेख किया। यह एक लाख करोड़ रुपये की बड़ी पहल है, जिसका उद्देश्य दो करोड़ युवाओं को पहली बार औपचारिक कार्यबल (संगठित क्षेत्र के रोज़गार) में शामिल करना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाता है और साथ ही नई नौकरियां पैदा करने वाले नियोक्ताओं को भी आर्थिक रूप से पुरस्कृत किया जाता है। श्री मोदी ने कहा, “सरकार देश में रोजगार बढ़ाने के लिए हर मोर्चे पर काम कर रही है।”
तेजी से बदलती दुनिया में जीवन भर सीखते रहने की सोच को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री ने नए कर्मचारियों से कहा कि वे ‘मिशन कर्मयोगी’ फ्रेमवर्क के लगातार अपने कौशलों को बेहतर बनाएं और नई तकनीक में महारत हासिल करें। उन्होंने बताया कि ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ मॉड्यूल खास तौर पर नए कर्मचारियों को व्यवस्था को समझने और आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद 1.7 करोड़ कर्मचारियों के साथ जुड़ने में मदद करने के लिए बनाया गया है। श्री मोदी ने कहा, “आप जितना ज्यादा खुद को बेहतर बनाएंगे, देश के नागरिकों की उतनी ही अच्छी तरह सेवा कर पाएंगे।”
