लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026′ पर राष्ट्रपति ट्रंप ने किए हस्ताक्षर,
Delhi 19 September 2026,
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद भारत के हित भी प्रभावित हो सकतें हैं। दरअसल, इस कानून के तहत अब ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है इस सूची में भारत का नाम भी शामिल है।
‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को बीते अगस्त महीने में अमेरिकी सीनेट में भारी बहुमत से पास किया गया था। इसके पक्ष में 86 विरोध में सिर्फ 11 वोट पड़े थे। आज शनिवार को व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाने वाले इस कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया है। रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले पांच देश इस कानून से प्रभावित हो सकतें हैं। इस सूची में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी अजरबैजान आदि देश शामिल हैं। इसके अलावा यह कानून ईरान पर पहले से लागू आर्थिक प्रतिबंधों को भी सख्त बनाता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत लगातार रियायती दरों पर रूसी तेल खरीद कर देशवासियों की तेल की जरूरत को पूरा कर रहा है। मौजूदा हालात में भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सा अकेले रूस से खरीदता है। राहत की बात है कि, यह कानून तुरंत लागू होने वाला नहीं है, बल्कि समय-समय पर आकलन के आधार पर फैसला लिया जाएगा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हर 180 दिन में उन देशों की समीक्षा करेंगे जो रूस से तेल-गैस खरीद रहे हैं।
