छह साल से फरार धेनु ग्रुप का निदेशक आगरा से गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप
उत्तराखण्ड पुलिस अपराध अनुसंधान शाखा (सीबीसीआईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹50 हजार के ईनामी और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले छह वर्षों से निवेशकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहा था।
देवेन्द्र प्रकाश तिवारी धेनु ग्रुप की विभिन्न कंपनियों का निदेशक है। उस पर निवेशकों को बड़े मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था।
सीबीसीआईडी के अनुसार, धेनु ग्रुप के एक अन्य मुख्य आरोपी और देवेन्द्र के भाई अनिल कुमार तिवारी को दिसंबर 2025 में मुंबई से गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी कड़ी में 6 मई 2026 को निरीक्षक वेद प्रकाश थपलियाल के नेतृत्व में उत्तराखंड एसटीएफ और कानपुर एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को थाना डोकी क्षेत्र, आगरा से दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हरिद्वार लाया गया, जहां उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, धेनु एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़े सभी छह नामजद आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली गई है। गिरफ्तार दोनों सगे भाइयों — देवेन्द्र और अनिल तिवारी — के खिलाफ कानपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी और जालौन समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में धोखाधड़ी के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
सीबीसीआईडी अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और निवेशकों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
