प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सरकार का हंटर, नियम तोड़ा तो रद्द होगी मान्यता।
काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित हो रहे निजी स्कूलों द्वारा फीस और किताबों के नाम पर की जा रही मनमानी को लेकर शिक्षा विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने साफ तौर पर कहा है कि सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को इस मामले में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सरकारी नियमों के अनुसार कोई भी निजी स्कूल 3 साल में केवल एक बार ही फीस बढ़ा सकता है और इसके लिए भी अभिभावकों की सहमति लेना अनिवार्य है, लेकिन कई स्कूल इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इसके साथ ही बाहर के निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लगवाने वाले स्कूलों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है कि स्कूलों में केवल NCERT की किताबें ही पढ़ाई जाएं।
यदि कोई भी स्कूल निजी कोर्स मंगवाता है या अभिभावकों पर दबाव बनाता है, तो शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों को दी गई एनओसी वापस लेने की कार्रवाई करेगा। विभाग की इस सख्ती से उन स्कूलों में हड़कंप मच गया है जो अपनी मनमानी कर रहे थे, क्योंकि अब नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों की मान्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है और प्रशासन आने वाले दिनों में इन पर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है।
डॉ. मुकुल कुमार सती….निदेशक, माध्यमिक शिक्षा
