July 26, 2026

प्रधानमंत्री मोदी ने देश की आर्थिक विकास गति को बनाए रखने, अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए कारगर रणनीति तैयार करने पर दिया जोर,

Delhi 07 Jun 2026,

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपनी आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में देश की आर्थिक विकास गति को बनाए रखने, अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा पश्चिम एशिया तनाव के बीच उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए कारगर रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर दुनियाभर की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, आपूर्ति शृंखला में पड़ रही बाधा और कमजोर मांग जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। ऐसे समय में देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को और तेज करने की रणनीतियों पर विचार- विमर्श किया गया। प्राप्त जानकारी के धंमुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों ने इस कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी भारत की आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने के लिए जरूरी नीतिगत कदमों पर अपने-अपने विचार रखें।

बैठक में भारत के निवेश प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर किया गया फोकस,

बैठक में भारत के नागरिकों के जीवन को आसान बनाने और बिजनेस करने के लिए सुविधाएं बढ़ाने से जुड़े सुधारों से लेकर केंद्र शासन व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाना बनाने पर चर्चा की गई। साथ ही भारत के निवेश प्रक्रिया को बेहतर बनाने, कम्‍प्‍लायंस के बोझ को कम करने और सर्विस डिस्‍ट्रीब्यूशन में उत्पादकता बढ़ाने के सुधारों पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती के लिए लंबे समय तक चलने वाला उपायों पर भारत के निवेश प्रक्रिया को बेहतर बनाने की बात कही। ताकि वैश्विक संकटों का सामना आसानी से किया जा सके। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर मजबूत 7.8 प्रतिशत रहने की संभावना है। जबकि पूरे वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में तेज वृद्धि के कारण संभव हुआ है।

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की इस हाई-लेवल मीटिंग में देश के जाने-माने अर्थशास्त्री और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक का इकलौता और सबसे बड़ा एजेंडा यही था कि दुनिया भर में जारी इस तनाव के बीच भारत की आर्थिक तरक्की को कैसे सुरक्षित रखा जाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से की अपील,

बैठक दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर ‘आत्मनिर्भरता’ के मंत्र को दोहराया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश का आत्मनिर्भर होना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, न्यूक्लियर पावर (परमाणु ऊर्जा) और डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग में रणनीतिक निवेश बढ़ाने की वकालत की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोग ईंधन बचाने पर ध्यान दें और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक परिवहन) का इस्तेमाल करें।

वैश्विक तनाव के बीच भारत की स्थिति मजबूत

बैठक में संतोष व्यक्त किया गया कि, बाहरी अनिश्चितताओं और वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत स्थिति में है। भारत आज भी दुनिया के लिए निवेश और विकास का सबसे बेहतरीन मौका दे रहा है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवधानों से निपटने और भारत की विकास यात्रा को बिना रुके आगे बढ़ाने के लिए लगातार सुधार करते रहना बेहद जरूरी है।

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