घर पर अनुस्पस्थित मतदाताओं के घर BLA को साथ ले जाएं BLO – सीईओ
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गणना फार्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम तथा संजय कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ अभियान की समीक्षा की।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने सभी जनपदों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गणना फार्मों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में फार्म वितरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वे अब डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि अभियान समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं बूथवार प्रगति की नियमित समीक्षा करें। जिन बूथों पर फार्म वितरण अथवा डिजिटाइजेशन की गति धीमी है, वहां अतिरिक्त कार्मिकों को हेल्पिंग हैंड के रूप में तैनात किया जाए, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनके घरों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) संयुक्त रूप से जाएं और अनिवार्य रूप से तीन बार विजिट कर आवश्यक जानकारी एकत्रित करें।
वहीं भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि जिन जनपदों में फार्म वितरण का कार्य पूरा हो चुका है और कुछ मतदाता अनुपस्थित मिले हैं, वहां डिजिटाइजेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऐसे मतदाताओं की सूची संबंधित बूथ लेवल एजेंट्स के साथ भी साझा की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में मतदाता अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Death) या डुप्लीकेट पाए गए हैं, उन सभी के गणना फार्म पर बीएलओ द्वारा विस्तृत फील्ड रिपोर्ट दर्ज की जाए, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाया जा सके।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने तथा सभी पात्र मतदाताओं का सत्यापन समयबद्ध रूप से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जमीनी स्तर पर सतत निगरानी और समन्वय अत्यंत आवश्यक है।