पिरान कलियर से मौलाना मदनी का भाईचारे का संदेश
पिरान कलियर से देश में आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का मजबूत संदेश सामने आया है। जमीअत उलेमा-ए-हिन्द की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सय्यद अरशद मदनी ने लोगों से नफरत और भेदभाव से दूर रहकर इंसानियत, मोहब्बत और एकता के रास्ते पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल प्रेम, आपसी विश्वास और भाईचारे के आधार पर ही संभव है।
पिरान कलियर में आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जमीअत उलेमा-ए-हिन्द का इतिहास देश सेवा, सामाजिक सद्भाव और मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों की मदद करना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
मौलाना मदनी ने अपने संबोधन में नबी-ए-पाक की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पड़ोसी चाहे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का हो, उसके साथ अच्छा व्यवहार करना और उसके अधिकारों का सम्मान करना इस्लाम की मूल शिक्षाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है और समाज में शांति तथा सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी विश्वास को बढ़ावा दें तथा नफरत और विभाजनकारी सोच से दूर रहें। उन्होंने कहा कि जब समाज में एकता और सद्भाव का वातावरण होगा, तभी देश विकास और प्रगति के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
बैठक के दौरान मौजूद लोगों ने मौलाना मदनी के संदेश का स्वागत किया और सामाजिक एकता तथा इंसानियत को मजबूत करने का संकल्प लिया। पिरान कलियर से दिया गया यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब देश में सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में मौलाना अरशद मदनी ने सभी लोगों से प्रेम, करुणा और मानवता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज और देश की मजबूती का रास्ता केवल भाईचारे और इंसानियत से होकर गुजरता है।
