July 9, 2026

मानसून में सड़क सुरक्षा पर सख्ती, देहरादून में विशेष अभियान; 92 चालान, 8 वाहन सीज

Chaecking

मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से आरटीओ (प्रवर्तन), देहरादून ने गुरुवार को शहर में विशेष सघन प्रवर्तन एवं वाहन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 92 चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 8 वाहनों को सीज किया गया।

यह विशेष अभियान अजंता चौक से कैनाल रोड, ईसी रोड–सर्वे चौक, लैंसडाउन चौक और कनक चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर संचालित किया गया। अभियान में कुल पांच टीमें तैनात की गईं, जिनमें एक इंटरसेप्टर टीम, दो प्रवर्तन टीमें और मुख्यालय की दो बाइक स्क्वाड टीमें शामिल रहीं। सभी टीमों ने समन्वित रूप से विभिन्न स्थानों पर वाहनों की सघन जांच कर यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित किया।

अभियान में इंटरसेप्टर टीम का नेतृत्व परिवहन कर अधिकारी प्रज्ञा पंत ने किया, जबकि डायनेमिक टास्क फोर्स की ओर से परिवहन कर अधिकारी एम.डी. पपनोई और सुश्री अनुराधा पंत अपनी-अपनी टीमों के साथ मौजूद रहे। मुख्यालय की बाइक स्क्वाड टीमों ने भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

मानसून को देखते हुए जांच के दौरान वाहनों के ब्रेक, हैंड ब्रेक, टायर, वाइपर, इंडिकेटर, फॉग लाइट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की विशेष रूप से जांच की गई। इसके अलावा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा बीआईएस/आईएसआई प्रमाणित हेलमेट के उपयोग को भी सुनिश्चित कराया गया। अधिकारियों ने वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करते हुए मानसून में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी।

आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि वर्षा ऋतु में सड़कें फिसलन भरी होने, दृश्यता कम होने और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ने के कारण वाहन चालकों को यात्रा से पहले अपने वाहन की तकनीकी स्थिति की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित यात्रा के लिए ब्रेक, टायर, वाइपर, इंडिकेटर और फॉग लाइट जैसी व्यवस्थाओं का सही होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से केवल बीआईएस/आईएसआई प्रमाणित मानक हेलमेट पहनने की अपील करते हुए कहा कि यह दुर्घटना के समय गंभीर चोटों से सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने सभी वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने का आग्रह किया।

डॉ. चमोला ने कहा कि परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जन-जागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे विशेष प्रवर्तन और जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

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