बदरीनाथ धाम चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज, कांग्रेस ने SIT की मांग उठाई, भाजपा ने किया पलटवार
बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। मामले के सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने कार्रवाई करते हुए समिति अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
हालांकि, इस कार्रवाई से विपक्ष संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। गणेश गोदियाल ने पूरे मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि गहराई से जांच की जाए तो इस प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विपक्ष के विधायकों को शामिल करते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए, ताकि चढ़ावे से जुड़े पूरे प्रकरण की सच्चाई जनता के सामने आ सके।
गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
वहीं, भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि निलंबित निजी सचिव प्रमोद नौटियाल, गणेश गोदियाल के कार्यकाल में ही स्थायी किए गए थे, इसलिए इस मामले में सबसे पहले स्पष्टता देने की जिम्मेदारी गणेश गोदियाल की बनती है।
विनोद चमोली ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति पहले से ही कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस निष्पक्ष जांच और एसआईटी गठन की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा सरकार की कार्रवाई का हवाला देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा जता रही है। जांच की प्रगति पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
भाजपा विधायक विनोद चमोली