भारी शोर-शराबे गतिरोध के बीच लोकसभा में बिना किसी चर्चा के बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल- 202
Delhi 05 August 2026,
आज बुधवार को संसद के मानसून सत्र के 13वें दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी दलों के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण शुरू होते ही विपक्ष ने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों/प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कार्यवाही बार-बार बाधित रही, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। भारी शोर-शराबे गतिरोध के बीच लोकसभा ने बिना किसी चर्चा के बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल- 2026 से पारित कर दिया। संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुको ध्वनिमतल गांधी से मुलाकात की।बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं। हालांकि इस पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई। सदन के लगातार बाधित रहने के कारण लोकसभा की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। और अब सदन की अगली बैठक 6 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे होगी।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मीडिया से कहा कि, विपक्ष मांग कर रहा है कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और देश से जुड़े मुद्दों पर बात करें। उनयह अफ़सोस की बात है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों ही सदन से नदारद हैं। और अहम राष्ट्रीय मुद्दों परकी जवाबदेही भी नहीं दिख रही है।
राज्यसभा में न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा और हंगामे के बीच उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान है। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मांग यह है कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और गृह मंत्री भी सदन में आकर से ही कोई समाधान निकल सकता है। अगर चर्चा नहीं होगी, तो वे(प्रधानमंत्री और गृह मंत्री) घर पर बैठे रहेंगे, वहीं से बयान देंगे या चुप रहेंगे। ऐसा कैसे हो सकता है? वे संसद का अपमान कर रहे हैं।
सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदस्यों को वेल में न आने और तख्तियों का इस्तेमाल न करने के नियम याद दिलाते हुए सदन में शांति बनाए रखने की बार-बार अपील की।
