हमने नाम नहीं बदले, लोगों का जीवन बदला है। पिछले 79 वर्षों की हमारी यात्रा अनेक संघर्षों और उपलब्धियों, की यात्रा है: मल्लिकार्जुन खड़गे,
Delhi 15 August 2026
अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिल्ली स्थित मुख्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ध्वाजारोहण किया। इस अवसर पर कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कार्यक्रम में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन और आखिरी में झंडा गीत विजयी ‘विश्व तिरंगा प्यारा’ गाया गया।
मल्लिकार्जुन ने अपने संबोधन में सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रीय आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को हम विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मोदी सरकार ने देश के लोगों को कोई अधिकार नहीं दिए। खाद्य सुरक्षा से लेकर शिक्षा का अधिकार कांग्रेस लेकर आई है, लेकिन फिर भी कुछ लोग इन बातों को नकारते हुए, सारा श्रेय खुद लेना चाहते हैं।
मल्लिकार्जुन ने कहा, हमने नाम नहीं बदले, लोगों का जीवन बदला है। पिछले 79 वर्षों की हमारी यात्रा अनेक संघर्षों और उपलब्धियों, की यात्रा रही है। हमने बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन एक राष्ट्र के रूप में अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है। हमारे लिए स्वतंत्रता केवल अंग्रेज़ी हुकूमत से मुक्ति नहीं है। यह संविधान से मिला वह भरोसा है, जो हर भारतीय को समानता, सम्मान, न्याय और अपनी बात कहने का अधिकार देता है। यही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति और हर नागरिक का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। खड़गे ने कहा, बीते एक दशक में हमारे संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सद्भाव के सामने कई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। युवाओं के सपनों को अवसर चाहिए, किसानों की मेहनत को सम्मान और न्याय चाहिए, महिलाओं को समान अधिकार और सशक्त भागीदारी चाहिए। दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संविधान में निहित समानता और न्याय का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। अध्यक्ष खड़गे ने आह्वान किया कि , आइए, ऐसी आज़ादी की रक्षा करें जिसमें हर आवाज़ को सम्मान मिले, हर सपने को अवसर मिले और हर भारतीय को आगे बढ़ने का समान अधिकार मिले।

