खेल महाकुंभ 2026 की तैयारियों की समीक्षा, उत्तरकाशी में 24,353 खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-खेल महाकुंभ 2026 की तैयारियों को लेकर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जनपद में खेल महाकुंभ की तैयारियों और खिलाड़ियों के पंजीकरण की प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने खिलाड़ियों के पंजीकरण की अच्छी प्रगति और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना की।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को न्याय पंचायत से लेकर विधानसभा और सांसद स्तर तक गठित समितियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, इसके लिए खेल मैदानों, खिलाड़ियों की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों को समय पर पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए आयोजन की सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
वर्ष 2026-27 के अंतर्गत आयोजित होने वाली मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिता को लेकर जनपद में खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर अब तक कुल 24,353 खिलाड़ियों का पंजीकरण हो चुका है।
इनमें न्याय पंचायत स्तर पर 20,874, विधानसभा स्तर पर 2,554 और सांसद स्तर के लिए 925 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। न्याय पंचायत स्तर के पंजीकरण में गंगोत्री क्षेत्र 7,672 खिलाड़ियों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पुरोला में 7,198 और यमुनोत्री में 6,004 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है।
विकासखंडवार और नगरीय निकायों के आंकड़ों के अनुसार भटवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र से 5,648 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। वहीं चिण्यालीसौड़ से 4,309, डुंडा से 5,098, नौगांव से 4,085, पुरोला से 2,964 और मोरी विकासखंड से 2,822 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि खेल महाकुंभ का उद्देश्य जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारना और युवाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में न्याय पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का चरणबद्ध आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।