चिप्स से लेकर जहाजों तक, भारत अब विनिर्माण क्षेत्र के नए भविष्य का निर्माण कर रहा है:प्रधानमंत्री मोदी,
Gujrat 08 SEP 2026,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा हम भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहे हैं ताकि तेज गति से लोगों और सामानों की आवाजाही हो सके, नए अवसर पैदा हो सकें और आर्थिक विकास को गति मिल सके। चिप्स से लेकर जहाजों तक, भारत अब विनिर्माण क्षेत्र के नए भविष्य का निर्माण कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से घोषित ‘सप्तधारा’ प्रस्ताव का जिक्र करते हुए गति शक्ति पहल के माध्यम से तीव्र संपर्क की आवश्यकता पर बल दिया और 2800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल गलियारे का निर्माण पूरा होने के ऐतिहासिक पल को याद किया। उन्होंने वडोदरा को गति शक्ति विश्वविद्यालय का वास्तविक शहर बताया जहां इस विशाल परियोजना के अंतिम चरण पूरे हुए। श्री मोदी ने कहा, “21वीं सदी के भारत के लिए यह ऐतिहासिक कार्य पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री ने इस नई राष्ट्रीय जीवनरेखा के परिवर्तनकारी प्रभाव के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यात्री और मालगाड़ियों को अलग करने से प्रतिदिन 430 से अधिक मालगाड़ियां चल सकती हैं जिससे ट्रकों की 30 घंटे की यात्रा घटकर मात्र 10-12 घंटे रह गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में पूर्व की तुलना में आधे से भी कम समय लगता है जिससे ईंधन की बचत होती है, माल ढुलाई का खर्च कम होता है और पर्यावरण की रक्षा होती है।
प्रधानमंत्री ने सड़कों, मेट्रो, हवाई अड्डों और गैस पाइपलाइनों सहित बुनियादी ढांचे के विकास के व्यापक आर्थिक प्रभावों का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि मुख्यतः 2.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऐतिहासिक रेलवे बजट के कारण लाखों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों के लिए घरों का निर्माण और बंदरगाहों का विस्तार करना आसपास के क्षेत्रों में नए उद्योगों और व्यवसायों को स्वाभाविक रूप से बढ़ावा देता है। श्री मोदी ने कहा, “रेलवे के आधुनिकीकरण पर हो रहा खर्च हजारों-हजार नए रोजगार सृजित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने सौर पीवी मॉड्यूल के घरेलू उत्पादन का उल्लेख किया जिससे पूर्ववर्ती अत्यधिक आयात लागत में भारी कमी आई और 200 गीगावाट की विशाल क्षमता का निर्माण हुआ। उन्होंने कडाना बांध फ्लोटिंग सोलर परियोजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की जिसने गुजरात में 11 लाख सहित देशभर में 55 लाख परिवारों को बिजली उत्पादक बनने और बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार सृजित करने के लिए सशक्त बनाया है। श्री मोदी ने कहा, “भारत अब चिप से लेकर जहाज तक विनिर्माण की नई गाथा लिख रहा है।”
प्रधानमंत्री ने विरोधियों की ओर से फैलाई गई झूठी बातों को खारिज करते हुए उन युवाओं पर गहरा विश्वास व्यक्त किया जो सौर, पवन, जल और परमाणु क्षेत्रों में सरकार के गहन प्रयासों के साक्षी बने हैं। उन्होंने राष्ट्रीय विकास में हो रही अभूतपूर्व प्रगति को स्वीकार करने के लिए युवा पीढ़ी की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा, “भारत के युवा सत्य की गर्जना के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने लाल किले से दिए गए महत्वपूर्ण वचन को पूरा करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करने की ऐतिहासिक पहल की घोषणा की जिसका उद्देश्य निर्धन और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ने वाले भारी आर्थिक बोझ को कम करना है।
प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से आगे बढ़कर मूलभूत क्षमता मानते हुए कृषि, स्वास्थ्य सेवा और रोबोटिक्स में नवाचार लाने में सक्षम एआई-कुशल युवाओं को तैयार करने के लिए व्यापक राष्ट्रीय अभियान की योजना की घोषणा की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन अत्याधुनिक उपकरणों में महारत हासिल करने से विनिर्माण संबंधी उत्पादकता बढ़ेगी और नवोन्मेषी स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा। श्री मोदी ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारी युवा पीढ़ी एआई के लिए तैयार हो।
