गांधी जयंती पर शुरू हुआ ‘शिक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम, विद्यार्थियों और अभिभावकों को विशेषज्ञों से मिलेगा मार्गदर्शन
शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता, संवाद और समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांधी जयंती के अवसर पर होलकर एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से ‘शिक्षा पे चर्चा’ नामक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम की मेजबानी एडवोकेट डॉ. पंकज होलकर कर रहे हैं। पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यक्रम में एडिफाई वर्ल्ड स्कूल देहरादून के छात्र-छात्राएं ऑफलाइन प्रतिभाग कर सकते हैं। वहीं, दूरदराज और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी एवं अभिभावक इस कार्यक्रम को ऑनलाइन ‘एडिफाई दून’ यूट्यूब चैनल के माध्यम से देख सकते हैं।
‘शिक्षा पे चर्चा’ का प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच अधिक स्पष्टता विकसित करना है। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी उनकी जिज्ञासाओं, चुनौतियों और समस्याओं पर विशेषज्ञों के माध्यम से समाधान की दिशा तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के तहत शिक्षाविदों, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जा रहा है। विशेषज्ञ विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं, भावनात्मक विकास, अभिभावक-विद्यार्थी संबंधों और बदलते शिक्षा परिवेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार और व्यावहारिक सुझाव साझा कर रहे हैं।
‘शिक्षा पे चर्चा’ के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपनी समस्याएं सीधे विशेषज्ञों के सामने रखने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के अनुभव और मार्गदर्शन के माध्यम से शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के नए रास्तों पर चर्चा की जा रही है।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम को विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इससे शिक्षा से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद करने और विभिन्न पक्षों के बीच बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
एडवोकेट डॉ. पंकज होलकर द्वारा संचालित यह पहल विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है। होलकर एजुकेशनल ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे संवादों के माध्यम से शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के साथ ही सभी पक्षों के बीच बेहतर समझ, संवाद और सहयोग विकसित करना है।