देहरादून में समाधान दिवस पर 92 शिकायतें दर्ज, डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 92 शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस के दौरान बुजुर्गों की संपत्ति हड़पने, मारपीट, पारिवारिक प्रताड़ना, पेंशन में देरी, भूमि विवाद और आर्थिक सहायता से संबंधित शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण गंभीरता से किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का जमीनी सत्यापन जरूरी
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का जमीनी स्तर पर स्वयं सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
बिजली-पानी के बिल हर महीने जारी करने के निर्देश
जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को बिजली और पानी के बिल नियमित रूप से प्रत्येक माह जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को दो से तीन महीने के बिल एक साथ भेजने के बजाय मासिक बिल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े।
इसके अलावा पेंशनरों को सामाजिक एवं पारिवारिक पेंशन समय पर उपलब्ध कराने, स्ट्रीट लाइट और सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने तथा आपदा राहत से जुड़े कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी विभागीय अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके।
डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी, देहरादून।
