उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, मारपीट और हत्या की साजिश के लगाए गंभीर आरोप
देहरादून | 16 अक्टूबर 2026 | स्पॉट विटनेस टाइम्स
उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। मंत्री ने पति पर शारीरिक उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग के बाद पुलिस पहुंचीं मंत्री
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेखा आर्या ने दावा किया कि उन्हें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें उनके पति कथित तौर पर एक महिला से बातचीत करते हुए उनके खिलाफ साजिश रचने की बात कर रहे हैं। मंत्री ने इस रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए बताया कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुलिस से शिकायत करनी पड़ी। हालांकि, ऑडियो रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
पति पर लगाए कई गंभीर आरोप
रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पति ने शादी के समय अपनी पहली शादी की बात छिपाई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पति के अन्य महिलाओं से कथित संबंधों का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं हुईं। मंत्री ने अपनी शिकायत में कथित तौर पर हस्ताक्षर जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। इन आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बीच रेखा आर्या की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी जांच की गई।
यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
डिस्क्लेमर: इस समाचार में वर्णित आरोप मंत्री की शिकायत और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और न्यायिक निर्णय होना बाकी है।
