डीआरआई ने अनुमानित मूल्य 100 करोड़ रुपये से अधिक की 137 किलो क्रिस्टल मेथ की बड़ी खेप जब्त: तमिलनाडु में 4 गिरफ्तार
Tamilnadu 18 October 2026,
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने संगठित मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के एक तटीय गांव से प्रतिबंधित सिंथेटिक मादक पदार्थ क्रिस्टल मेथामफेटामाइन की करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कुल 137 किलो खेप जब्त की है। इस मामले में 4 लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं। क्रिस्टल मेथामफेटामाइन , जिसे आम तौर पर ‘क्रिस्टल मेथ’ या ‘आइस’ कहा जाता है, एक अत्यधिक नशीला और प्रतिबंधित सिंथेटिक (प्रयोगशाला में निर्मित) उत्तेजक पदार्थ है। इसे ‘आइस’, ‘टीना’, ‘ग्लास’ या ‘क्रैंक’ जैसे स्ट्रीट नामों से भी जाना जाता है।
डीआरआई के अधिकारियों ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर 16–17 अक्टूबर 2026 के दौरान व्यापक निगरानी और प्रवर्तन अभियान चलाया। इस अभियान में श्रीलंका में मादक पदार्थों की तस्करी करने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध तटीय तस्करी नेटवर्क का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया। इसे समुद्र के बीच में हस्तांतरण के माध्यम से श्रीलंका पहुंचाया जाना था। अवैध मादक पदार्थ बाजार में जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
यह अभियान विशेष खुफिया जानकारी के बाद चलाया गया। इसमें मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप को नागपट्टिनम जिले के एक तटीय स्थान पर भंडारण और वहां से श्रीलंका में तस्करी के लिए पहुंचाया जाना था। इसके बाद की गई तलाशी में छह डफेल बैग बरामद हुए। इसमें सिल्वर फॉयल 27 पैकेट थे। प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग 5 किलो था। इन पैकेटों में सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ था। उसके उच्च शुद्धता वाले मेथामफेटामाइन होने का संदेह है। जब्त प्रतिबंधित सामग्री को स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत जब्त किया गया। नशे के अवैध कारोबार में शामिल संदिग्ध के परिसर में एक साथ की गई तलाशी के दौरान, डीआरआई अधिकारियों ने बिक्री से प्राप्त रकम होने के संदेह में 10 लाख रुपये नकद भी जब्त किए। मादक पदार्थों के परिवहन में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दो चारपहिया वाहन और एक दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए। इस अभियान में तटीय मार्ग से मादक पदार्थों के निर्यात की व्यवस्था करने, खेप के परिवहन, भंडारण और रसद संबंधी कार्यों में शामिल व्यक्तियों सहित पूरे तस्करी नेटवर्क का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया। एनडीपीएस अधिनियम 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
