भटवाड़ी के स्कूलों में CDO का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में लापरवाही पर सख्त संदेश
उत्तरकाशी। मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने विकासखंड भटवाड़ी के ग्राम सिरोर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय और राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ मूलभूत व्यवस्थाओं का भी बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने अध्यापक उपस्थिति पंजिका, पोषण पंजिका और मिड-डे मील व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय परिसर की स्वच्छता, शौचालय, पेयजल और विद्यार्थियों को उपलब्ध अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं की गुणवत्ता और नियमितता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बच्चों से संवाद कर परखी शैक्षणिक दक्षता
सीडीओ ने शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों के बौद्धिक, नैतिक और व्यक्तित्व विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों में जिज्ञासा, तार्किक सोच और रचनात्मकता विकसित करने के लिए प्रभावी एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियां अपनाने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उनकी शैक्षणिक दक्षता और सामान्य ज्ञान को भी परखा। बच्चों से पहाड़े और विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए। विद्यार्थियों के जवाब सुनने के बाद सीडीओ ने उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना शिक्षक और विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बच्चों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत और अभ्यास करना चाहिए।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को सुव्यवस्थित एवं क्रियाशील बनाए रखने के साथ मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप उस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि कोई भी बच्चा शैक्षणिक रूप से पीछे न रहे।
औचक निरीक्षण के माध्यम से सीडीओ ने स्पष्ट किया कि विद्यालयी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
