‘12th फेल’ फिल्म से बच्चों को मिली मेहनत और ईमानदारी की सीख
सामुदायिक पुस्तकालय के शैक्षिक नवाचार कार्यक्रम के तहत रविवार को विद्यार्थियों के लिए 12th Fail फिल्म का विशेष प्रदर्शन किया गया। फिल्म प्रदर्शन के साथ आयोजित लेखन कार्यशाला में बच्चों ने फिल्म की पटकथा और उससे मिली प्रेरणा को अपने शब्दों में व्यक्त किया। फिल्म पर निबंध लेखन करने वाले विद्यार्थियों को आगामी कार्यक्रम में सम्मानित भी किया जाएगा।
फिल्म देखने के बाद विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई बच्चों ने प्रेरित होकर कहा कि वे भी भविष्य में आई.पी.एस अधिकारी बनना चाहते हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने मेहनत, संघर्ष और ईमानदारी के महत्व को करीब से समझा।
फिल्म प्रदर्शन से पहले हिमालय शेफर्ड द्वारा निर्मित लास्पा गांव पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इस दौरान शेफर्ड से जुड़े चंदन ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री हिमालयी जीवन की जीवटता और संघर्ष की सच्ची कहानी को दर्शाती है।
सामुदायिक पुस्तकालय से जुड़ी दिशा ने कहा कि ‘12th फेल’ फिल्म बच्चों को मेहनत और ईमानदारी की सीख देती है। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल सफलता की कहानी नहीं बल्कि रिश्तों और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती से प्रस्तुत करती है।
इस कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय महाविद्यालय, शिशु मंदिर, विवेकानंद विद्या मंदिर और मुनस्यारी पब्लिक स्कूल के कुल 116 विद्यार्थियों ने भाग लिया। फिल्म प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों ने फिल्म पर आधारित निबंध भी लिखे।
आयोजकों ने बताया कि अगले माह आयोजित होने वाले फिल्म प्रदर्शन कार्यक्रम में ‘12th फेल’ विषय पर व्याख्यान प्रतियोगिता भी कराई जाएगी, जिसमें इसी कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थी भाग लेंगे। लेखन और व्याख्यान प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे धैर्य और उत्साह के साथ फिल्म देखी। पहली बार एक साथ सामूहिक रूप से फिल्म देखने का अनुभव बच्चों के लिए बेहद खास रहा।
सामुदायिक पुस्तकालय अवधारणा के संस्थापक जगत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि सामुदायिक पुस्तकालय केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शैक्षिक नवाचार का एक जीवंत केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय को और अधिक सक्रिय एवं उपयोगी बनाने के लिए वर्षभर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।