July 23, 2026

सीजेपी का जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल प्रदर्शन जारी: प्रधानमंत्री मोदी बोले, नीट पेपर लीक पर होगी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई,

Delhi 21 July 2027

कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर 20 जुलाई को हुए ‘संसद मार्च’ के दौरान हुई झड़प और पुलिस कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह सीजेपी के प्रदर्शनकारी एक बार फिर जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल पर लौट आए। फिलहाल धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शन कारियों की संख्या बहुत अधिक नहीं है, लेकिन आंदोलन पुनः शुरू हो गया है। सोमवार को प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया था। इसके बाद बीजेपी के अध्यक्ष अभिजीत दिपके निर्धारित धरना स्थल से निकट ही, केरल हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए थे। हालांकि, आज मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पहुंच गए और धरना दोबारा शुरू कर दिया। इस बीच, संसद में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने इस मामले पर सदन में तत्काल चर्चा कराने और केंद्र सरकार से जवाब देने की मांग की है।

कल सोमवार को हुए सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली में सुरक्षा बलों और प्रदर्शन कारियों के बीच अनेक स्थानों पर झड़पें हुईं, जिसमें कई घायल हुए। पुलिस ने 70 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और एफआईआर दर्ज की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और गायक दिलजीत दोसांझ ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। सीजेपी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मार्च स्थगित कर दिया, लेकिन अपनी मांगों पर अड़े रहे। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां सीजेपी के आन्दोलन को विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान कनेक्शन की संभावना की भी जांच कर रही है।

सीजेपी के संसद चलो प्रदर्शन को कांग्रेस , समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और सीपीआई (एम) जैसे विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को ‘बेहद शर्मनाक’ बताया और केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से छात्रों की बात सुनने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

 

गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च का समर्थन करते हुए कहा कि ‘लोगों की आवाज रब की आवाज होती है’। छात्रों के साथ जो हुआ वह गलत था और अधिकारियों से उनकी मांगें सुनने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की बातों पर उन्हें फिर से ‘देशद्रोही’ कहा जा सकता है।

राहुल गांधी ने संसद में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बल के प्रयोग की निंदा की है। वे घायल छात्रों से मिलने राम मनोहर लोहिया अस्पताल भी गए। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, आतिशी और मनीष सिसोदिया प्रमुख नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर या संसद के बाहर प्रदर्शनों में हिस्सा लेकर सीजेपी को सीधा समर्थन दिया। सीपीआई (एम) जॉन ब्रिटास इस सांसद ने भी सीजेपी के आंदोलन और शिक्षा संबंधी मांगों का समर्थन किया।

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा कि अगर छात्रों के साथ नाइंसाफी होगी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले गेट से निकलना पड़ेगा।

सीजेपी प्रदर्शन के बाद सरकार बैकफुट पर आती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री मोदी का पहला बयान आया है। उन्होंने पहली बार नीट पेपर लीक पर बयान दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों (सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ बैठक कर उनकी मांगें सुनीं। चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री ने शांतिपूर्ण आंदोलन का अधिकार बताते हुए सोनम वांगचुक के अनशन पर राजनीति न करने की अपील की है।

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सीजेपी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि संसद के अंदर मौजूद सांसद भी डरे हुए थे। उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र को विकृत करने का आरोप लगाया।

 

सीजेपी का जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल प्रदर्शन जारी: प्रधानमंत्री मोदी बोले, नीट पेपर लीक पर होगी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई,

CJP’s protest continues at Jantar Mantar: PM Modi says, those responsible for NEET paper leak will be punished

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