चक्रवात ‘अर्नब’ का उत्तराखंड समेत उत्तर भारत में दिखेगा असर, 1 नवंबर तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट ।
देहरादून | स्पॉट विटनेस टाइम्स
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब उत्तर भारत के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड समेत दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड के कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम
उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना हुआ है, लेकिन चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम में बदलाव के आसार हैं। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। वहीं, 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर और मैदानी इलाकों पर भी असर
चक्रवात के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। इन क्षेत्रों में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को व्यापक बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम में इस बदलाव से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है और सुबह-शाम ठंड का एहसास बढ़ सकता है।
प्रदूषण से मिल सकती है राहत
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बीच तेज हवाओं से प्रदूषकों के फैलाव में मदद मिल सकती है। इससे कुछ समय के लिए वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है। हालांकि, बारिश और हवा का प्रदूषण पर वास्तविक असर स्थानीय मौसम, वाहनों के उत्सर्जन, निर्माण कार्य और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर भी निर्भर करेगा। इसलिए प्रदूषण में स्थायी कमी की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी होगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क यातायात प्रभावित होने, भूस्खलन तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से परेशानी बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही निकलने की सलाह दी जाती है।
