देहरादून: नाइट पेट्रोलिंग फेल, देर रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर से लूट और जानलेवा हमला
देहरादून जैसे शांत शहर को दहला देने वाली यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर देती है। आईटी पार्क से लौट रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश के साथ हुई यह दरिंदगी राजधानी में बेखौफ घूमते अपराधियों के दुस्साहस को उजागर करती है। यह बेहद चिंताजनक है कि अपहरणकर्ता एक युवक को पांच थाना क्षेत्रों की सीमाओं से बेरोक-टोक घुमाते रहे, जो ‘नाइट पेट्रोलिंग’ और पुलिस मुस्तैदी के दावों की पोल खोलता है।
अपराधी आकाश को लेकर शहर के मुख्य रास्तों से होते हुए रायपुर, डालनवाला, कोतवाली, कैंट और प्रेमनगर जैसे पांच बड़े थाना क्षेत्रों से गुजरे। लगभग 15-20 किलोमीटर के इस लंबे सफर के दौरान बदमाशों को रोकने वाला कोई नहीं था। बदमाश आकाश को जामुनवाला पुल पर ले गए। वहाँ उन्होंने आकाश के साथ बेरहमी से मारपीट की, उसके दो मोबाइल फोन, नकदी और बैग लूट लिया। इतने से भी जब मन नहीं भरा, तो उन्होंने उसे पुल से नीचे नदी के सूखे पत्थरों पर फेंक दिया।
पुल से गिरने के कारण आकाश की रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हो गया, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा सुन्न पड़ गया। वह चल नहीं सकता था, लेकिन जीने की चाह ने उसे हार नहीं मानने दी। कड़कड़ाती ठंड और असहनीय दर्द के बीच आकाश रातभर पत्थरों पर घिसटता रहा। सुबह जब एक मंदिर के पंडित जी और सैन्य जवानों की नजर उस पर पड़ी, तब जाकर उसे अस्पताल पहुँचाया गया।
यह घटना प्रशासन के लिए एक “वेक-अप कॉल” है कि केवल कागजों पर गश्त करने से शहर सुरक्षित नहीं होगा। अगर समय रहते सीसीटीवी कैमरों और पुलिस चेक-पॉइंट्स को सक्रिय नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई भी कामकाजी पेशेवर रात की ड्यूटी करने से डरेगा।
Reported By: Praveen Bhardwaj
