June 28, 2026

चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर संचालन पर DGCA सख्त, नियमों की अनदेखी पर की कड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर संचालन में हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं ने सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हेलीकॉप्टर संचालन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।

DGCA ने इन घटनाओं की जांच शुरू कर दी है, जिनमें तकनीकी खामियां, संचालन से जुड़ी गलतियां और मौसम से संबंधित समस्याएं शामिल हैं। DGCA ने यह स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी के तहत विशेष ऑडिट और निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।

उत्तराखंड में शटल और चार्टर सेवाएं प्रदान करने वाले सभी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, सभी ऑपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फिलहाल सिर्फ ओजीडी (OGE – Out of Ground Effect) परिस्थितियों में ही ऑपरेशन करें। यदि आवश्यक हुआ तो चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं में कटौती करने पर भी विचार किया जा सकता है।

चारधाम में विशेष रूप से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं पर पैनी नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) द्वारा स्थापित लाइव कैमरा फीड के माध्यम से DGCA इन सेवाओं की लाइव निगरानी कर रहा है। SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) से किसी भी तरह की अनदेखी को तुरंत पकड़ा जा रहा है और तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

सोमवार को SOP के उल्लंघन के चलते दो हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों की सेवाएं दो घंटे के लिए निलंबित कर दी गईं। इनमें मुख्य रूप से हेलीकॉप्टर पार्किंग नियमों का उल्लंघन पाया गया था।

सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए DGCA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केस्ट्रल एविएशन प्रा. लि. की सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। इससे पहले मई 2025 में एक अन्य ऑपरेटर की सेवाएं भी सुरक्षा उल्लंघन के चलते निलंबित की गई थीं।

DGCA ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या SOP के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.