दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए देहरादून में मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग, गांवों से ऑनलाइन जुड़कर कर रहे IAS-PCS की तैयारी
पहाड़ के दुर्गम गांवों में रहकर प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अब दूरी और संसाधनों की कमी बाधा नहीं बन रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप समाज कल्याण विभाग और राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के संयुक्त प्रयासों से दिव्यांग अभ्यर्थियों को निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी भी ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़कर आईएएस और पीसीएस बनने की तैयारी कर रहे हैं।
राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में स्थापित कोचिंग केंद्र में विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक जिले से चयनित दिव्यांग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
ऑनलाइन कक्षाओं से मिट रही भौगोलिक दूरी
इस कोचिंग व्यवस्था की खास बात यह है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए हर बार देहरादून आने की आवश्यकता नहीं है। प्रतिदिन शाम चार से सात बजे तक ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। गूगल मीट और साइन लैंग्वेज जैसी सुविधाओं के माध्यम से अलग-अलग जरूरतों वाले विद्यार्थियों तक शिक्षण पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोचिंग में सामान्य अध्ययन (जीएस), सीसैट, तार्किक क्षमता, गणित और अन्य अर्हकारी विषयों की तैयारी कराई जा रही है। विषयवार कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की अवधारणाओं को स्पष्ट करने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जल्द शुरू होगी बैंकिंग और एसएससी की कोचिंग
समाज कल्याण विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में केंद्र में आईएएस और पीसीएस परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। विद्यार्थियों के लिए रोजगार और करियर के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल्द ही बैंकिंग और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं के लिए भी कोचिंग शुरू की जाएगी।
19 लाख रुपये से तैयार हुआ हाईटेक कोचिंग रूम
दिव्यांग विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन देहरादून और समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 19 लाख रुपये की लागत से हाईटेक साउंडप्रूफ कोचिंग रूम तैयार कराया है।
यह केंद्र वीडियो मिक्सर, कॉर्डलेस माइक्रोफोन, 75 इंच की टीवी स्क्रीन, तीन कंप्यूटर कंसोल, थिएटर लाइट और हाईटेक कैमरों सहित आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। इन सुविधाओं की मदद से डिजिटल माध्यम से कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ ले पा रहे हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर
देहरादून जिले से चयनित दिव्यांग अभ्यर्थी मोहन दास ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस पहल से दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को एक मंच पर जोड़ना इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधाओं से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन मिल रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना आसान हो रहा है।
समान अवसरों से साकार होंगे सपने
निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग की यह पहल दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के साथ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से उन विद्यार्थियों तक भी शैक्षणिक अवसर पहुंचाए जा रहे हैं, जिनके लिए आर्थिक संसाधनों की कमी और भौगोलिक दूरी के कारण बड़े शहरों में रहकर पढ़ाई करना कठिन होता है।
आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन और सुलभ शिक्षण व्यवस्था के जरिए यह पहल इस संदेश को मजबूत कर रही है कि प्रतिभा किसी शारीरिक अक्षमता या भौगोलिक दूरी की मोहताज नहीं होती। उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर दूरस्थ गांवों के विद्यार्थी भी सिविल सेवा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
लाभार्थी : मोहन दास
सचिव, समाज कल्याण विभाग: डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी
