आईआईटी रुड़की में IDE बूटकैंप 2026 का आयोजन, नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा
Indian Institute of Technology Roorkee अपनी टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डेवलपमेंट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप सोसाइटी (TIDES) के माध्यम से इनोवेशन, डिज़ाइन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (IDE) बूटकैंप 2026 – संस्करण 3 (चरण II) का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम All India Council for Technical Education के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें Wadhwani Foundation नॉलेज पार्टनर और SBI Foundation ऑर्गेनाइजिंग पार्टनर के रूप में जुड़े हैं।
IDE बूटकैंप 2026 एक राष्ट्रीय स्तर की पहल है, जिसे तीन चरणों में देशभर के 30 स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लगभग 6,500 छात्रों को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना है। पहला चरण 6–10 अप्रैल 2026 के बीच 13 स्थानों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जबकि दूसरा चरण वर्तमान में 13 स्थानों पर, जिनमें आईआईटी रुड़की भी शामिल है, जारी है। तीसरा चरण 11 से 15 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
इस संस्करण की थीम “डिज़ाइन विकास के लिए सबसे बड़ा परिवर्तनकारी माध्यम हो सकता है” रखी गई है, जो वास्तविक समस्याओं के समाधान में डिज़ाइन थिंकिंग की अहम भूमिका को रेखांकित करती है। बूटकैंप के दौरान प्रतिभागियों को समस्या समाधान, नवाचार, उत्पाद डिज़ाइन और निवेश के लिए तैयार स्टार्टअप आइडिया विकसित करने का व्यावहारिक अनुभव दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ सत्र, मेंटरशिप, एक्सपोज़र विज़िट्स और इंटरएक्टिव वर्कशॉप्स का आयोजन किया गया। इसके प्रमुख घटकों में इनोवेशन इकोसिस्टम की समझ, फंडिंग अवसर, सरकारी अनुदान, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और अंतिम दिन पिचिंग सत्र शामिल रहे।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए Azam Ali Khan ने शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और छात्रों को अपने विचारों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समाधान में बदलने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर K K Pant, निदेशक, आईआईटी रुड़की ने कहा कि संस्थान नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करते हैं।
बूटकैंप में Gopakumar Viswanathan और Mohammad Mustakeem द्वारा विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन Sai Ramudu Meka के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी साझेदार संगठनों, मेंटर्स और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की।
गौरतलब है कि इस पहल की शुरुआत वर्ष 2023 में Dharmendra Pradhan द्वारा की गई थी, जिसे Narendra Modi के नेतृत्व में परिकल्पित किया गया। IDE बूटकैंप देश की युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाकर भारत के नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
