29 अक्टूबर तक भुगतान नहीं हुआ तो 30 अक्टूबर से फिर शुरू होगी ठेकेदारों की हड़ताल
देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन देहरादून की अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत मंगलवार को एसडब्ल्यूएसएम कार्यालय, इंदर रोड पर ठेकेदारों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। लंबित भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ठेकेदारों ने आज सचिवालय कूच करने की योजना बनाई थी, लेकिन शासन की ओर से वार्ता का संदेश मिलने के बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
शासन की ओर से संगठन के पांच निर्वाचित प्रतिनिधियों को सचिवालय बुलाकर सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान के साथ बैठक कराने की बात कही गई। इसके बाद संगठन के पांच प्रतिनिधि सचिवालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं। हालांकि, बैठक में मिले आश्वासन से ठेकेदार संतुष्ट नहीं हुए और वे वार्ता बीच में छोड़कर वापस धरना स्थल पर लौट आए।
इसके बाद ठेकेदारों ने सभी परियोजनाओं के टेंडर बंद करने और पानी की आपूर्ति रोकने जैसे कदम उठाने की बात कही। इसी बीच सचिवालय से संदेश आया कि मुख्य सचिव आनंद बर्धन ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करेंगे।
मुख्य सचिव ने दिया भुगतान का आश्वासन
मुख्य सचिव आनंद बर्धन के साथ हुई बैठक में ठेकेदारों को बताया गया कि लंबित भुगतान के संबंध में केंद्र सरकार से बातचीत की गई है और जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही मुख्य सचिव ने तीन दिन के भीतर ठेकेदारों की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कराने का आश्वासन भी दिया।
मुख्य सचिव के आश्वासन के बाद संगठन ने फिलहाल आंदोलन को आगे बढ़ाने के फैसले पर विराम लगाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि ठेकेदारों ने शासन को 29 अक्टूबर तक भुगतान करने का समय दिया है।
भुगतान नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
अमित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यदि 29 अक्टूबर तक ठेकेदारों का बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो 30 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल दोबारा शुरू की जाएगी। इस बार आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और प्रदेश के कोने-कोने से ठेकेदारों के साथ मजदूरों को भी इसमें शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा।
ठेकेदारों का कहना है कि लंबित भुगतान के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की निगाहें शासन की ओर से किए गए आश्वासन और तय समयसीमा के भीतर भुगतान की कार्रवाई पर टिकी हैं।
