Delhi 04 April 2026,
इजरायल- अमेरिका और ईरान के युद्ध के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी देशों के जहाजों को सारे जरूरी सामानों की निकासी को मंजूरी दे दी है। ईरान ने एक खास प्रोटोकॉल के तहत, आवश्यक सामान और मानवीय मदद से जुड़े सामान की सप्लाई ले जाने वाले सभी जहाजों, खासकर कार्गो शिप और ऑयल-गैस टैंकरों को होर्मुज के अहम समुद्री रास्ते से ईरानी बंदरगाहों तक आने जाने की मंजूरी दे दी है। ईरान के इस फैसले के बाद दुनियाभर के एनर्जी मार्केट में मची उथल-पुथल थमने के आसार हैं। साथ ही तेल-गैस संकट से जूझ रहे देशों को राहत मिलेगी।

वाणिज्यिक जहाजों को ईरान की हरी झंडीं
ईरान की सरकार ने इसके साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनियाभर के वाणिज्यिक जहाजों (अमेरिका-इजरायल को छोड़कर) सभी कारोबारी शिपरूट से सुरक्षित इंपोर्ट-एक्सपोर्ट करने के लिए आने-जाने की इजाजत दे दी है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक अप्रैल को दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘सिर्फ ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य तय करेंगे। दो अप्रैल को खबर आई कि ट्रंप जब ईरान को झुकाने में नाकाम रहे, तब उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अमेरिका का कोई भी सामान होर्मुज से नहीं आता, इसलिए जिन देशों के सेलर्स और सामान वहां फंसा है, वो खुद ईरान से डील करें, इसके बाद दुनिया के कई देशों ने ईरान के साथ समझौता किया भारत भी इस मीटिंग में वर्चुअली शामिल हुआ। शनिवार को खुशखबरी आ गई कि ईरान ने होर्मुज पर अपनी जिद छोड़ते हुए व्यवसायिक जहाजों को वहां से गुजरने की इजाजत दे दी है।
ईरान को होर्मुज पर अपना अड़ियल रवैया छोड़ने के लिए उसके कुछ मित्र देश और कुछ कारोबारी देश लगातार समझा रहे थे। होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के बावजूद ईरान के साथ लगातार बातचीत जारी थी। कई देशों के समझाने का ईरान पर असर हुआ और उसने कारोबार के लिए होर्मुज को खोल दिया। एक और वजह ये हो सकती है कि ईरान को कई बार मानवीय मदद भेजने की कोशिशें नाकाम रहीं। अमेरिका-इजरायल की फौजों ने मदद के लिए उड़ान भरने वाले विमानों और जहाजों को उड़ा दिया। इसके बाद शायद ईरान को लगा हो कि हवाई जहाज से सीधी मदद आ नहीं सकती और ज्यादा दिनों तक होर्मुज को रोका तो एक साथ बायकाट होने की सूरत में उसे अपने घायलों के लिए मानवीय मदद जैसे दवाएं और अन्य सामान नहीं मिल पाएंगे, इसलिए उसने होर्मुज को खोलने का ऐलान कर दिया।
