June 23, 2026

Kedarnath Yatra 2026: यात्रा की तैयारियां शुरू, घोड़ा-खच्चर संचालन, डंडी-कंडी और स्वच्छता को लेकर हुए फैसले

केदारनाथ धाम यात्रा के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए मंगलवार को जिला कार्यलय सभागार में बैठक हुई। इसमें कई विभागों के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ, केदारनाथ विधायक, घोड़ा खच्चर यूनियन, डंडी-कंडी यूनियन समेत ऊखीमठ, गुप्तकाशी, केदारनाथ नगर पंचायत के अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी भी शामिल हुए।

केदारनाथ धाम यात्रा की प्रारंभिक तैयारियों, व्यवस्थाओं, विभागीय दायित्वों, बीकेटीसी, हक-हकूकदारों तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने एनएच एवं पीडब्ल्यूडी को यात्रा से पूर्व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में ट्रीटमेंट कार्यों तथा रूट डायवर्जन के बारे में अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि श्रद्धालु जिस आस्था और भाव के साथ बाबा केदार के दर्शन के लिए आते हैं, उन्हें उसी भाव के साथ दर्शन कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पार्किंग से होने वाली आय का 50 प्रतिशत स्थानीय समूहों को मिले
आगामी यात्रा से संबंधित बैठक में यात्रा के दौरान पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने पर भी चर्चा की गई। वहीं जिन स्थलों पर स्थानीय महिलाएं पार्किंग संचालन कर रही हैं, वहां पार्किंग से होने वाली आय का 50 प्रतिशत स्थानीय समूहों एवं 50 प्रतिशत प्राधिकरण को प्राप्त होने पर चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त गौरीकुंड में श्रद्धालुओं के स्नान हेतु महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

डंडी-कंडी संचालन हेतु समिति का गठन
आगामी यात्रा में डंडी-कंडी के सफल संचालन व इनसे जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर भी चर्चा हुई। वहीं सभी डंडी-कंडी संचालकों का पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक सत्यापन अनिवार्य करने तथा उनकी सूची प्रशासन को उपलब्ध कराने की बात कही गई। इस संबंध में उपजिलाधिकारी ऊखीमठ की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने को कहा गया। समिति में स्थानीय थाना प्रभारी, समाज कल्याण अधिकारी, एडीओ पंचायत तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति द्वारा डंडी-कंडी पर्ची काउंटर के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा ताकि भीड़ की समस्या न हो।

जनपद के घोड़ा-खच्चर संचालकों को दी जाएगी प्राथमिकता
बैठक में घोड़ा-खच्चर संचालन पर चर्चा करते हुए यह तय किया गया कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व ही बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चर यात्रा मार्ग में सम्मिलित न हो सकें। वहीं जिलाधिकारी ने प्राथमिकता जनपद के घोड़ा-खच्चर संचालकों के पंजीकरण पर देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने पशुपालन वो जग से सभी घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य करने को कहा है।

सुरक्षा, स्वच्छता एवं अनुशासन
आगामी यात्रा को लेकर जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने, मोबाइल चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण एवं टेंटों में ठहरने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। स्वच्छता को लेकर सुलभ शौचालय में एक सफाई कर्मी तैनात करने तथा महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल की व्यवस्था पर भी चर्चा की जाएगी। ठंड से बचाव हेतु घोड़ा पड़ावों, रेन शेल्टर एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जाएगी।

मांस व शराब के सेवन पर पूर्णतः प्रतिबंध
बैठक में पिछले साल आई सोनप्रयाग से ऊपर मांस, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों की बिक्री व सेवन पर पूर्णतः प्रतिबंध पर भी चर्चा की गई। इसे प्रभावी बनाने के लिए बैठक में जिला पंचायत बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करने को निर्देशित किया गया।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.