Recent Posts

August 16, 2026

“गायिकी की गंगा लता मंगेशकर” पुस्तक का लोकार्पण

दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ. इन्द्रजीत सिंह की पुस्तक “गायिकी की गंगा लता मंगेशकर” का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनिल रतूड़ी, कार्यक्रम अध्यक्ष गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, पूर्व कुलपति डॉ. सुधारानी पांडेय, डॉ. सुशील उपाध्याय, रीता इन्द्रजीत सिंह तथा डॉ. सुरजीत सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम केंद्र के सभागार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने पुस्तक को भारत रत्न लता मंगेशकर के कालजयी व्यक्तित्व और भारतीय चित्रपट संगीत को समर्पित महत्वपूर्ण कृति बताया। पूर्व कुलपति डॉ. सुधारानी पांडेय ने कहा कि लेखक ने लता मंगेशकर के अनाहत नाद और संगीत साधना को अत्यंत संवेदनशीलता और शोधपरक शैली में शब्दों में पिरोया है।

पुस्तक के लेखक डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि लता मंगेशकर के गायन में शब्द, भाव और संगीत का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उनकी आवाज़ गीतों को नई ऊंचाई प्रदान करती है और श्रोताओं के मन में स्थायी छाप छोड़ती है।

कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि लता मंगेशकर माँ सरस्वती की वीणा के समान थीं, जिनकी स्वर लहरियां आज भी हर संगीत प्रेमी के हृदय में गूंजती हैं।

मुख्य अतिथि अनिल रतूड़ी ने कहा कि गीत-संगीत पर लेखन करना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन लेखक ने इस विषय को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने पुस्तक को लता मंगेशकर के व्यक्तित्व, संगीत और कला यात्रा का सशक्त दस्तावेज बताया।

इस अवसर पर गायक एलेग्जेंडर, पीयूष निगम, मनीषा आले और किटी ने सत्यम शिवम सुंदरम, अनपढ़, क्रांति और मधुमती जैसी फिल्मों के लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया।

Share

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.