सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के तीन नए परिसरों को मिली बड़ी सौगात, 244 नए पद सृजित
उत्तराखंड सरकार ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नवसृजित बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ परिसरों के लिए शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में शासन स्तर से शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। इन पदों के सृजन से तीनों परिसरों को पहली बार स्थायी शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचा मिलेगा, जिससे शिक्षण, शोध और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बागेश्वर परिसर में 38 शैक्षणिक पद सृजित किए गए हैं। इनमें 29 असिस्टेंट प्रोफेसर, 8 एसोसिएट प्रोफेसर और 1 प्रोफेसर का पद शामिल है। चम्पावत परिसर के लिए 31 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 30 असिस्टेंट प्रोफेसर और 1 एसोसिएट प्रोफेसर का पद है।
वहीं, पिथौरागढ़ परिसर को सबसे अधिक 95 शैक्षणिक पद मिले हैं। इनमें 59 असिस्टेंट प्रोफेसर, 20 एसोसिएट प्रोफेसर और 16 प्रोफेसर के पद शामिल हैं।
सरकार ने तीनों परिसरों के लिए शिक्षणेत्तर संवर्ग के पद भी सृजित किए हैं। प्रथम चरण में बागेश्वर में 22, चम्पावत में 17 और पिथौरागढ़ में 41 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें पुस्तकालयाध्यक्ष, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सहायक लेखाकार, प्रधान सहायक, वैयक्तिक सहायक, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक, पर्यावरण मित्र, माली, परिचर और अनुसेवक जैसे पद शामिल हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि शासनादेश के तहत पूर्व में तीनों महाविद्यालयों के लिए सृजित 329 शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को उच्च शिक्षा विभाग को समर्पित कर दिया गया है। जिन पदों पर आउटसोर्स व्यवस्था लागू होगी, वहां राज्य सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकृत एजेंसी के माध्यम से शीघ्र कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन स्थायी पदों के सृजन से तीनों परिसरों में शिक्षण कार्य, शोध गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ प्राप्त होगा।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के तीनों कैम्पस बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ के लिये शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 पदों का सृजन कर दिया गया है। इन पदो ंके सापेक्ष तीनों परिसरों में शिक्षकों व कार्मिकों का समायोजन किया जायेगा, जबकि आउटसोर्स के पदों को भी आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से शीघ्र भरा जायेगा। नये पदों के सृजन से विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियां अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। – डाॅ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
