खटीमा के कुटरी पचौरिया में बंदरों का आतंक, अब तक 168 बंदर पकड़े; ग्रामीणों में दहशत
ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र के ग्राम कुटरी पचौरिया में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बंदरों के झुंड लगातार आबादी वाले इलाकों में पहुंचकर लोगों पर हमला करने के साथ घरों और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले काफी समय से बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बंदरों के हमले की आशंका से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्राम प्रधान दीपा देवी ने बताया कि बंदरों के आतंक के कारण ग्रामीणों को घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बंदरों के हमले में किसी व्यक्ति या बच्चे के साथ गंभीर दुर्घटना होती है तो पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
एसडीएम को सौंपा था ज्ञापन
बंदरों की समस्या को लेकर ग्राम कुटरी पचौरिया के ग्रामीणों ने 21 अगस्त को उपजिलाधिकारी खटीमा को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने का अभियान और तेज कर दिया है।
वन क्षेत्राधिकारी खटीमा हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि ग्राम पचौरिया में एक महिला को बंदर ने काट लिया था। उन्होंने कहा कि मई महीने से ही बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 168 बंदर पकड़े जा चुके हैं, जबकि हाल ही में एक दिन में 30 बंदरों को पकड़ा गया।
रेस्क्यू सेंटर में कराया जा रहा बधियाकरण
वन विभाग के अनुसार पकड़े गए बंदरों को रेस्क्यू सेंटर रानीबाग ले जाया जा रहा है, जहां उनका बधियाकरण कराया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य बंदरों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना और आबादी वाले क्षेत्रों में उनके बढ़ते आतंक को कम करना है।
बंदरों के लगातार हमलों से ग्रामीणों में बनी दहशत के बीच वन विभाग की कार्रवाई से लोगों को राहत की उम्मीद है। ग्रामीणों ने अभियान को प्रभावी ढंग से जारी रखने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
दीपा देवी ग्राम प्रधान पचौरिया
हरेंद्र बिष्ट वन क्षेत्राधिकारी खटीमा
