79वें स्वतंत्रता दिवस पर, प्रधानमंत्री ने कई घोषणाएँ कीं, जो भविष्य में केवल कदम रखने के लिए नहीं, बल्कि छलांग लगाने के लिए है।
Delhi, 15 AUG 2025,
79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मैं देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा , आजादी का यह पर्व सामूहिक सिद्धियों का, गौरव का पल है और हृदय उमंग से भरा हुआ है। देश एकता की भावना को निरंतर मजबूती दे रहा है। 140 करोड़ देशवासी आज तिरंगे के रंग में रंगे हैं। हर घर तिरंगा, भारत के हर कोने से चाहे रेगिस्तान हो, या हिमालय की चोटियां, समुद्र के तट हो या घनी आबादी वाले क्षेत्र, हर तरफ से एक ही गूंज है, एक ही जयकारा है, हमारे प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है। सन 1947 में हमारा देश आजाद हुआ। देश की आकांक्षाएं उड़ाने भर रही थीं, लेकिन चुनौतियां उससे भी कुछ ज्यादा थी। पूज्य बापू महात्मा गांधी जी के सिद्धांतों पर चलते हुए, संविधान सभा के सदस्यों ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। भारत का संविधान जब 75 वर्ष से एक प्रकाश स्तंभ बनकर के हमें मार्ग दिखाता रहा है। भारत के संविधान निर्माता डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी, इतना ही नहीं हमारी नारी शक्ति का भी योगदान कम नहीं था। हंसा मेहता जी, दक्षयानी वेलायुद्धन जैसी विदुषियों ने भी भारत के संविधान को सशक्त करने में अपनी भूमिका निभाई थी। मैं आज लाल किले के प्राचीर से देश का मार्गदर्शन करने वाले, देश को दिशा देने वाले, संविधान के निर्माताओं को आदरपूर्वक नमन करता हूं।

प्रधानमंत्री ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण कराते हुए कहा कि, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 की दीवार गिराकर, एक देश एक संविधान के मंत्र को जब हमने साकार किया, तो हमने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर, कई घोषणाएँ कीं, जो भविष्य में केवल कदम रखने के लिए नहीं, बल्कि छलांग लगाने के लिए तैयार है। भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने से लेकर जेट इंजन बनाने तक, दस गुना परमाणु ऊर्जा विस्तार से लेकर युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के रोज़गार प्रोत्साहन तक, उनका संदेश स्पष्ट था। भारत अपना भाग्य स्वयं परिभाषित करेगा, अपनी शर्तें स्वयं निर्धारित करेगा और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखेगा।
आतंकवाद पर प्रधानमंत्री ने कहा, हमारा देश कई दशकों से आतंक को झेलता आया है। देश के सीने को छलनी कर दिया गया है। अब हमने एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया, आतंक को और आतंकी को पालने-पोसने वालों को, आतंकियों को ताकत देने वालों को, अब हम अलग-अलग नहीं मानेंगे। वो मानवता के समान दुश्मन है, उनके बीच कोई फर्क नहीं है। अब भारत ने तय कर लिया है, कि इन न्यूक्लियर की धमकियों को अब हम सहने वाले नहीं हैं
ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। 22 तारीख के बाद हमने हमारे सेना को खुली छूट दे दी। रणनीति वो तय करें, लक्ष्य वो तय करें, समय भी वो चुने और हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक कभी हुआ नहीं था। सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती पर घुसकर के आतंकी हेडक्वार्टर्स को मिट्टी में मिला दिया, आतंकी इमारतों को खंडहर बना दिया। पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, 21वीं सदी टेक्नोलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है और जब टेक्नोलॉजी ड्रिवन है और इतिहास की तरफ नजर करें तो पता है इतिहास गवाह है, जिन-जिन देशों ने टेक्नोलॉजी में महारथ हासिल की, वो देश विकास की ऊंचाइयों को पार कर गए, शिखर पर पहुंच गए, आर्थिक शक्ति नए पैमाने पर पहुंचती है। उन्होंने भारत में निर्मित सेमीकंडक्टर पर कहा , मैं यहां लाल किले से किसी की आलोचना करने के लिए खड़ा नहीं हूं और ना ही मैं करना चाहता, लेकिन देश की युवा पीढ़ी को जानकारी होना भी उतना जरूरी है। हमारे देश में 50-60 साल पहले सेमीकंडक्टर को लेकर के फाइलें शुरू हुई। 50-60 साल पहले फैक्ट्री का विचार चालू हुआ। आप मेरे नौजवान जान करके हैरान हो जाएंगे, आज सेमीकंडक्टर जो पूरी दुनिया की एक ताकत बन गया है। 50-60 साल पहले वो विचार, वो फाइलें अटक गई, लटक गई, अटक गई, सेमीकंडक्टर के विचार की ही भ्रूण हत्या हो गई, 50-60 साल गँवा दिए। हमारे बाद कई देश सेमीकंडक्टर में आज महारत हासिल करके दुनिया में अपनी ताकत को प्रस्थापित कर रहे हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अनेक घोषणाएं भी की।
* 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता में दस गुनी वृद्धि होगी। अगले दो दशकों में परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को दस गुना से अधिक बढ़ाने के भारत के मिशन के तहत 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है।
* जीएसटी सुधार – एक दिवाली उपहारअगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का दिवाली अनावरण किया जाएगा, जिसके तहत आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स कम होंगे और एमएसएमई, स्थानीय विक्रेताओं और उपरपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
* 10 ट्रिलियन डॉलर के भारत के लिए सुधार कार्य बलप्रधानमंत्री मोदी ने अगली पीढ़ी के सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित सुधार कार्य बल के गठन की घोषणा की। इसका कार्यादेश होगा: आर्थिक विकास में तेज़ी लाना, लालफीताशाही कम करना, शासन का आधुनिकीकरण करना और 2047 तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों के लिए तैयार करना।
* 1 लाख करोड़ रुपये की पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने 1 लाख करोड़ रुपये की एक बड़ी रोज़गार योजना की शुरुआत की, जिसके तहत नए रोज़गार पाने वाले युवाओं को प्रति माह 15 हजार रुपये मिलेंगे। इस योजना का उद्देश्य 3 करोड़ युवा भारतीयों को लाभान्वित करना है। जिससे स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत तक का सेतु मज़बूत होगा।
* उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन
प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध प्रवास के कारण जनसांख्यिकीय असंतुलन के ख़तरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन शुरू करने की घोषणा की, ताकि भारत के नागरिकों की एकता, अखंडता और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
* ऊर्जा स्वतंत्रता – समुद्र मंथन की शुरुआत
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रेखांकित किया कि भारत के बजट का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पेट्रोल, डीज़ल और गैस के आयात में खर्च हो जाता है। उन्होंने समुद्री संसाधनों के उपयोग के लिए राष्ट्रीय डीपवाटर अन्वेषण मिशन की शुरुआत तथा सौर, हाइड्रोजन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा में बड़े विस्तार की घोषणा की।
* भारत में निर्मित जेट इंजन – एक राष्ट्रीय चुनौती
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जिस तरह हमने कोविड के दौरान टीके बनाए और डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई का उपयोग किया, उसी तरह हमें अपने जेट इंजन भी बनाने चाहिए। उन्होंने अपने वैज्ञानिकों और युवाओं से इसे एक सीधी चुनौती के रूप में लेने का आग्रह किया।
