चमोली में पीआईबी की ‘वार्तालाप’ कार्यशाला, योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
चमोली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), देहरादून की ओर से सीमांत जनपद चमोली में ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और मीडिया की भूमिका को लेकर अधिकारियों एवं पत्रकारों के बीच विस्तृत संवाद हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, प्रेस क्लब संरक्षक क्रांति भट्ट और पीआईबी के सहायक निदेशक संजीव सुन्द्रियाल ने किया।
कार्यशाला में स्वास्थ्य, कृषि, मत्स्य पालन, महिला एवं बाल विकास, नशामुक्ति, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की जानकारी साझा की, जबकि लाभार्थियों ने योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव भी बताए।
ब्लॉक स्तर पर आयोजित हों ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत बिष्ट ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम पूरे जनपद के लिए लाभकारी साबित होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘वार्तालाप’ कार्यक्रमों का आयोजन ब्लॉक स्तर पर भी किया जाना चाहिए, ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने कहा कि कई सरकारी योजनाओं का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण पात्र लोग उनका लाभ नहीं उठा पाते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग से ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती है।
प्रेस क्लब संरक्षक क्रांति भट्ट ने जनपद में पत्रकारिता के सामने आने वाली चुनौतियों और मीडिया की भूमिका पर विचार रखे। वहीं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने पत्रकारों की सकारात्मक एवं जनहितकारी पत्रकारिता की सराहना करते हुए सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में मीडिया को महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
नशामुक्ति और युवाओं के मुद्दों पर जोर
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने नशामुक्त भारत अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद में अभियान के तहत 140 नारकोटिक्स किट वितरित किए गए हैं। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने नशामुक्त भारत अभियान के तहत संचालित कार्यक्रमों, स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक तथा नशामुक्ति केंद्रों और काउंसलिंग की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
स्वास्थ्य और कृषि योजनाओं की दी जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंह पाल ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले स्थानीय व्यक्ति को ‘राहगीर योजना’ के तहत 25 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि दी जाती है। इसके अलावा आयुष्मान योजना, जननी सुरक्षा योजना और नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच सहित अन्य योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
खाद्य पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय ने ई-20 पेट्रोल, किसानों को इससे होने वाले लाभ और पर्यावरण संरक्षण में इसकी भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ई-20 के निर्माण में चावल, मक्का और गन्ने जैसे कृषि उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला ने बालिकाओं के लिए संचालित नंदा गौरा योजना की जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की। सहायक निदेशक मत्स्य नितेश कुमार चंद्र ने मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत ट्राउट मछली उत्पादन और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं पर जानकारी दी।
जिला उद्यान अधिकारी नितेन्द्र सिंह ने चमोली के स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को मशरूम और कीवी की खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए जिले में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे प्रमाणिक जानकारी : संजीव सुन्द्रियाल
पीआईबी के सहायक निदेशक एवं कार्यक्रम के आयोजक संजीव सुन्द्रियाल ने कहा कि सीमांत जनपद चमोली में ‘वार्तालाप’ आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य प्रामाणिक और तथ्यपरक जानकारी के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं को मीडिया के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि चमोली के स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को पहचान दिलाने के साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों तक अधिक से अधिक सुविधाएं पहुंचाना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के हर गांव और हर घर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की मंशा से चमोली को कार्यक्रम के लिए चुना गया है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मीडिया सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। मीडिया के माध्यम से योजनाओं की सही और प्रमाणिक जानकारी दूरस्थ गांवों तक पहुंचने से पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, स्थानीय मुद्दों तथा सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को लेकर विस्तृत संवाद हुआ।
