February 7, 2026

राष्ट्रपति ट्रंप का ईरानी नेतृत्व पर डर और हिंसा के बल पर शासन करने का आरोप: अयातुल्ला खामेनेई ने ट्रंप को सीधे तौर पर रक्तपात और अस्थिरता का जिम्मेदार ठहराया,

Delhi 18 January 2026,

ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने मध्य पूर्व में उथल-पुथल का माहौल बना रखा है। ईरान और अमेरिका की बयानबाजी से भीषण युद्ध की संभावना बढ़ गई थी। बीते 28 दिसंबर में इन प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे महंगाई, बेरोज़गारी और अर्थव्यवस्था की ख़राब हालत से परेशान हैं। ईरान के सुरक्षाबलों ने इन प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ दमन की कार्रवाई की है, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों के मारे जाने की ख़बरें सामने आई हैं। जबकि हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया गया हैं। ईरान ने करीब 800 प्रदर्शनकारियों को अपराधी घोषित कर फांसी देने का ऐलान किया था।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दिए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।बीते कुछ हफ्तों की भारी अशांति के बाद कुछ दिन से ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों में अब काफी कमी आई हैं।

शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ट्रंप ने तेहरान के नेताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक फांसी की सजा को रद्द कर दिया है। ईरान की ओर से भी यह बयान आया कि ‘लोगों को फांसी देने की कोई योजना नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ और खुले तौर पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दशकों से चले आ रहे शासन को खत्म करने के लिए कहा है। जिसके बाद से दोनों देशो के बीच तनाव और जुबानी जंग और तेज हो गई है।

अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में चल रहे हालिया हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया था। इसी के जवाब में ट्रंप ने खामेनेई पर हमला बोलते हुए कहा की ईरान को अब नए नेतृत्व की जरुरत है। ट्रंप की ये टिप्पणियां शासन परिवर्तन को लेकर अब तक की उनकी सबसे स्पष्ट अपील मानी जा रही हैं। हालांकि, बीते कुछ हफ्तों की भारी अशांति के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन अब काफी हद तक शांत हो चुके हैं।

मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, पिछले तीन हफ्तों में हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। ईरान में हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।

अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने पोस्ट्स में ट्रंप को सीधे तौर पर रक्तपात और अस्थिरता का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा, “ईरानी राष्ट्र पर हुए हमलों, नुकसान और बदनामी के लिए हम अमेरिकी राष्ट्रपति को दोषी पाते हैं।

एक अन्य संदेश में उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह हिंसक समूहों को ईरानी जनता का प्रतिनिधि बताकर पेश कर रहे हैं, जिसे उन्होंने ‘भयानक बदनामी करार दिया।खामेनेई ने अमेरिका और इज़राइल से जुड़े समूहों पर अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन तत्वों ने आगजनी की, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और जानबूझकर अराजकता फैलाई उन्होंने इन कृत्यों को ईरान के खिलाफ गंभीर अपराध बताया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई के पोस्ट्स पढ़ने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर डर और हिंसा के बल पर शासन करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, ‘एक देश के नेता के रूप में, वह देश को पूरी तरह से नष्ट करने और अभूतपूर्व स्तर पर हिंसा का इस्तेमाल करने के दोषी हैं।

 

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