सोनम वांगचुक ने अनशन किया खत्म, सरकार ने मांगों पर दिया सकारात्मक आश्वासन
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है, जब केंद्र ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा और परीक्षा सुधार और पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे से जुड़ी उनकी मुख्य मांगों पर विचार करेगा। उन्होंने 26 दिनों बाद केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह लद्दाख की एपेक्स बॉडी के सह-संयोजक चेरिंग दोरजय लक्रुक की मौजूदगी में जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।
सूत्रों के अनुसार, अनशन समाप्त करने के लिए कई राजनीतिक दलों के सांसदों ने उनसे आग्रह किया था। वांगचुक ने यह भी संकेत दिया कि वे आगे भी अपने मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहेंगे
वांगचुक का यह अनशन नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के समर्थन में शुरू किया गया था। अनशन खत्म करने के बाद उन्होंने कहा कि यह संघर्ष की समाप्ति नहीं है, बल्कि आगे की रणनीति का हिस्सा है। वहीं C JP के फाउंडर दीपके ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक विरोध जारी रहेगा।
23 जुलाई, 2026 को देर रात, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए NEET पेपर लीक पर स्टूडेंट्स की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मुझे अच्छी तरह पता है कि पेपर लीक कोई आम गलती नहीं है; यह एक नाइंसाफ़ी है जो लाखों स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को बहुत परेशान करती है। इसी गंभीरता को देखते हुए हमने पिछले ढाई महीनों में तेज़ी से, बिना किसी समझौते के कदम उठाए हैं। दोषियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है, और वे अब सलाखों के पीछे हैं।
