अभिजीत दीपके ने सीजेपी के धरनाप्रदर्शनों में हिंसा फैलाने के पीछे पुलिस और बीजेपी की मिलीभगत,
Delhi 23 July 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक करने में शामिल लोगों को त्वरित और कड़ी सजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि , “हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने पेपर लीक करने में शामिल लोगों को त्वरित और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सीजेपी के शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे ‘संसद चलो’ मार्च और धरना प्रदर्शनों में हिंसा फैलाने और पथराव करने के पीछे पुलिस और बीजेपी की मिलीभगत का दावा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस धरना प्रदर्शनों पर पत्थर लाती है और बीजेपी के लोग इन्हें फेंकते हैं। उन्होंने कहा, ‘ बीजेपी के लोग हैं जो पथराव कर रहे हैं। पुलिस यहां पत्थर वाले ट्रक लाकर खड़ा करती है और बीजेपी के कार्यकर्ता आकर पथराव करते हैं और फिर वे सीजेपी के लोगों को बदनाम करते हैं।
आशुतोष रांका ने कहा कि पेपर लीक इसलिए हो रहे हैं क्योंकि ऊपर से लेकर नीचे तक सिस्टम में नाकाबिल लोग बैठे हैं। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं की जाएगी, जब तक दोषियों के मन में डर पैदा नहीं होगा और जब तक सिस्टम को इस तरह मजबूत नहीं किया जाएगा कि पेपर लीक की गुंजाइश ही न रहे, तब तक यह समस्या खत्म नहीं होगी।
केद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि त”सरकार ने कल दोपहर से सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं। यह हमारे सभी युवा मित्रों के लिए एक खुला निमंत्रण है कि सरकार आपकी सुविधानुसार, किसी भी समय सभी मुद्दों पर चर्चा के तलिए तैयार है। चर्चा जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर हो सकती है।
केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कॉकरोच जनता पार्टी को बातचीत के लिए आमंत्रित किया लेकिन उसके नेताओं ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को भी सीजेपी को नड्डा के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए निमंत्रण हम प्रतिष्ठा को महत्व नहीं देते। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मैं चर्चा में उपस्थित रहेंगे। धीरे-धीरे, चर्चा के माध्यम से हम समाधान की ओर बढ़ेंगे। यह छात्रों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का हिस्सा है। मैं आप सभी से विनम्रतापूर्वक अपील करता हूं कि आप आएं और चर्चा में भाग लें।” कर दिया कि वह सरकार से केवल किसी तटस्थ स्थान पर ही बातचीत करेगी। “जे पी नड्डा की ओर से आज बातचीत के लिए सीजेपी यह को निमंत्रण भेजा गया, लेकिन प्रदर्शन स्थल के मंच पर मौजूद नेताओं ने इसे अस्वीकार कर दिया।”
वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रही सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलिस ने उन्हें गुरुवार सुबह बताया कि जेपी नड्डा ने उन्हें अपने आवास पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। दास ने कहा, “हमने किसी के घर या दफ्तर जाने से इनकार कर दिया। जनता की अदालत यहीं लगी है। मंत्रियों मरम्मत मंत्रियों को जनता के बीच आना चाहिए- सीजेपी ज्ञको जनता के बीच आना चाहिए। वे बातचीत करना चाहते हैं तो वह जंतर-मंतर पर ही होनी चाहिए।” हालांकि, उन्होंने कहा कि सीजेपी बातचीत के लिए तैयार है और सुरक्षा संबंधी कोई चिंता है तो वह प्रदर्शन स्थल के निकट किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत के प्रस्ताव पर विचार करने को भी तैयार है।

आशुतोष राका ने आरोप लगाया कि पेपर लीक एक संगठित गिरोह के जरिए होता है, जिसमें नीचे से लेकर ऊपर तक कई लोग शामिल होते हैं और आर्थिक लाभ पहुंचता है। इसलिए केवल कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था को बदलना जरूरी है जिसकी वजह से पेपर लीक हो रहे हैं।
गौरतलब है कि, नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर सीजेपी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि प्रदर्शनकारियों पर पथराव का आरोप है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर केंद्र और पुलिस को नोटिस जारी किया है।
