नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष संसद परिसर में आमने-सामने: एक दूसरे के विरुद्ध लगाए नारे
Delhi 23 July 2026,
20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में विधायी कार्यवाही नही हो सकी। नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के भारी हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के कारण संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की कार्यवाही आज दिनभर बिना किसी कामकाज के स्थगित कर दी गई।
यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस यूपीए (विपक्ष) और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस एनडीए (सत्ता पक्ष) के बीच टकराव गुरुवार को और बढ़ गया। दोनों पक्षों ने संसद परिसर में एक दूसरे के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। जबकि सत्ता पक्ष एनडीए ने नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर सदन में चर्चा न करने के लिए विपक्ष की आलोचना की। एनडीए ने कहा है कि वह पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा हुआ है।
आज गुरुवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने किया। विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक के साथ-साथ अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी के खिलाफ नारे लगाए।
वहीं नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस एनडीए के सांसदों जेडीयू के संजय झा, बीजेपी के मनोज तिवारी, तरुण चुघ और दिलीप सैकिया भी शामिल थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान कई बार ऐसा हुआ जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाने लगे।
विरोध प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “क्या आपने हमारे लोकतंत्र के इतिहास में कभी देखा है कि सरकार के सांसद संसद के बाहर विरोध करें? वे संसद नहीं चला सकते। वे बहुत कमज़ोर और डरपोक हैं। इस लोकतंत्र में युवाओं के साथ कैसा बर्ताव किया जा रहा है? जायज मांगों के लिए उन पर ज़ुल्म किया जा रहा है। उन पर लाठियां और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रियंका गांधी ने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो हर भारतीय की कामयाबी का क्रेडिट लेते हैं, पेपर लीक की ज़िम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “152 पेपर लीक हुए हैं और किसी को सज़ा नहीं मिली है। मोदी जी को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।”
इस पर बीजेपी सांसद दिलीप सैकिया ने कहा कि एनडीए सांसदों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा संसदीय कार्यवाही चलाने में पैदा की गई रुकावट के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस से अपील करते हैं कि वे भागें नहीं और संसद में हमारे देश के स्टूडेंट्स के बारे में ज़रूरी चर्चा में हिस्सा लें।
