हिमगिरी बस सेवाओं पर फिलहाल रोक, ऋषिकेश-रुद्रप्रयाग विवाद के बाद आरटीओ ने बुलाई बैठक
देहरादून से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए शुरू की गई ‘हिमगिरी’ बस सेवाओं पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग क्षेत्र में निजी बस संचालकों के बीच यात्रियों और रूट संचालन को लेकर हुए विवाद के बाद आरटीओ ने यह निर्णय लिया है। विवाद के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए, जिसके बाद परिवहन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बस सेवाओं के संचालन की समीक्षा शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, राज्य परिवहन प्राधिकरण की अनुमति के बाद गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन (जीएमओयू) की ओर से देहरादून से पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 11 हिमगिरी बस सेवाएं शुरू की गई थीं। इन सेवाओं का उद्देश्य पहली बार सीधे देहरादून को कई दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से जोड़ना था। इससे पहले इन रूटों पर जीएमओयू की बसें मुख्य रूप से हरिद्वार और ऋषिकेश से संचालित होती थीं।
ऋषिकेश में आमने-सामने आए बस संचालक
नई बस सेवाओं के संचालन को लेकर ऋषिकेश में निजी परिवहन कारोबारियों के बीच विवाद सामने आया। आरोप है कि रूट चार्ज और संचालन को लेकर पहले से समन्वय की बात हुई थी, लेकिन नई बसों के संचालन के बाद पुराने रूटों के यात्रियों और आय पर असर पड़ने की आशंका को लेकर कुछ बस संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया।
विवाद के दौरान कुछ लोग बसों को रोकने के लिए सड़क पर उतर आए। स्थिति धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत तक पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला परिवहन विभाग तक पहुंचा।
आरटीओ ने फिलहाल रोका संचालन
विवाद को देखते हुए आरटीओ देहरादून ने हिमगिरी बस सेवाओं के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी है। विभाग अब सभी संबंधित परिवहन संचालकों के साथ बैठक कर रूट, समयसारिणी और संचालन व्यवस्था की समीक्षा करेगा।
आरटीओ की ओर से शनिवार को बस संचालकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में संबंधित संचालकों से रूटों के संचालन, रोटेशन और समयसारिणी की जानकारी ली जाएगी। इसके आधार पर आगे की व्यवस्था तय किए जाने की संभावना है।
11 बसों के परमिट का विस्तार
हिमगिरी बस सेवाओं को देहरादून से पर्वतीय क्षेत्रों तक संचालित करने के लिए 11 बसों के परमिट का विस्तार किया गया था। प्रस्तावित सेवाओं में देहरादून से ऋषिकेश होते हुए श्रीनगर, कर्णप्रयाग, चमोली और जोशीमठ, जबकि अन्य रूटों पर देवप्रयाग, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, थलीसैंण, बीरोंखाल और धुमाकोट तक बसें चलाने की योजना शामिल थी।
पहले चरण में इन बसों के संचालन को लेकर परिवहन विभाग और जीएमओयू की ओर से तैयारियां की गई थीं। सितंबर की शुरुआत में संचालन की तारीख कई बार बदली गई और बाद में 11 सितंबर से सेवाएं शुरू करने की घोषणा की गई थी।
शनिवार की बैठक पर टिकी निगाहें
अब आरटीओ की शनिवार को होने वाली बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें निजी बस संचालकों के बीच रूट को लेकर बने विवाद को दूर करने के साथ-साथ रोटेशन व्यवस्था और समयसारिणी पर भी चर्चा होगी। परिवहन विभाग का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों के लिए बस सेवाओं का संचालन नियमों और आपसी समन्वय के साथ हो, ताकि यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ परिवहन कारोबारियों के बीच टकराव की स्थिति भी न बने।
फिलहाल हिमगिरी बस सेवाओं के संचालन पर रोक के चलते देहरादून से सीधे पर्वतीय क्षेत्रों तक इन नई सेवाओं से सफर करने वाले यात्रियों को शनिवार की बैठक के बाद होने वाले निर्णय का इंतजार रहेगा।
