सहसपुर से हरक की दावेदारी ने बढ़ाई कांग्रेस की हलचल
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की सहसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है। हरक सिंह रावत पहले भी सहसपुर और धर्मपुर जैसी मैदानी सीटों से चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके हैं।
हरक सिंह रावत का कहना है कि यदि पार्टी हाईकमान उन्हें सहसपुर से चुनाव मैदान में उतारता है तो वह केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आसपास की सीटों पर भी कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। उनकी इस दावेदारी के बाद सहसपुर से टिकट की तैयारी कर रहे अन्य नेताओं के बीच भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की चर्चा है।
समर्थकों ने भी तेज की सक्रियता
सहसपुर में हरक सिंह रावत के समर्थन में नारेबाजी की खबरें भी सामने आई हैं। सितंबर में उनके समर्थन में कार्यकर्ताओं द्वारा नारे लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी, जिससे सहसपुर सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चा और तेज हो गई।
वहीं, 17 सितंबर को सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के राजा वाला में हरक सिंह रावत ने जनसंपर्क अभियान के दौरान क्षेत्रवासियों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली।
टिकट के फैसले पर टिकी निगाहें
हरक सिंह रावत की सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है जब कांग्रेस में 2027 के लिए विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों को लेकर मंथन चल रहा है। सहसपुर में कई नेता अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय बताए जा रहे हैं। ऐसे में हाईकमान के स्तर से टिकट का फैसला होने के बाद सभी दावेदारों और उनके समर्थकों को एकजुट रखना पार्टी के लिए अहम संगठनात्मक चुनौती हो सकती है।
हरक सिंह रावत ने अगस्त में कहा था कि उन्हें चुनाव लड़ने या विधायक बनने की कोई व्यक्तिगत लालसा नहीं है और पार्टी को जिसे जीतने की क्षमता वाला उम्मीदवार लगे, उसे टिकट दिया जाना चाहिए। उन्होंने सहसपुर को लेकर भी यही बात कही थी कि यदि पार्टी को किसी अन्य दावेदार में जीत की बेहतर संभावना दिखती है तो उसे टिकट दिया जाना चाहिए।
आसपास की सीटों पर प्रभाव का दावा
हरक सिंह रावत का जोर इस बात पर है कि प्रत्याशी का प्रभाव केवल उसकी विधानसभा सीट तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनका दावा है कि सहसपुर से उन्हें जिम्मेदारी मिलने पर आसपास के विधानसभा क्षेत्रों में भी पार्टी संगठन और चुनाव अभियान को मजबूती दी जा सकती है।
अब सहसपुर को लेकर कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर राजनीतिक निगाहें टिकी हैं। एक तरफ हरक सिंह रावत की सक्रियता बढ़ रही है, तो दूसरी ओर पहले से तैयारी कर रहे संभावित दावेदार भी मैदान में हैं। ऐसे में टिकट का फैसला कांग्रेस के स्थानीय समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
डॉ. हरक सिंह रावत, वरिष्ठ नेता कांग्रेस
