July 25, 2026

सोनम वांगचुक का 27 दिनों से जारी अनशन समाप्त

Delhi 24 July 2026,

 इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 27 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुवार की देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल में जाकर उन्हें जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी के समर्थन में


अनशन पर बैठे थे। पुलिस ने उनको बलपूर्वक उठाकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में कोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक का मेदांता हॉस्पिटल में उपचार कराया जा रहा था।

सोशल मीडिया पर वांगचुक ने लिखा, ‘मैंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया। सोनम वांगचुक ने लिखा कि, उन्होंने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने को अधिक प्राथमिकता दी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके लिए मुख्य मुद्दा नहीं है। उनका मानना है कि यह मुद्दा अपने आप हल हो जाएगा।

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने छात्रों और समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन की मूल भावना को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘मैं सोनम जी से अनुरोध करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द से जल्द स्वस्थ हों।’

कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर कहा, ‘वह अन्ना हजारे पार्ट 2 हैं। 12 साल तक अन्ना चुप रहे, और अब सोनम वांगचुक भी चुप रहेंगे। कांग्रेस नेता नेता ने सवाल उठाया कि, अनशन खत्म कराने की वार्ता के दौरान क्या उस समय कोई छात्र सरकार के साथ मौजूद था?’

इमरान मसूद की टिप्पणी पर बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी हैं, जिस तरह से उन्होंने सोनम वांगचुक का अपमान किया है।’

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि

छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए और उनपर एक्शन के लिए सरकार माफी मांगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा हो। पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, “सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी।

 

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