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October 12, 2026

खेती में नवीनता, पोषण में श्रेष्ठता” थीम पर आयोजित हुआ 52वां कृषि विज्ञान मेला,

Uttarakhand, 05 April 2026,

अल्मोड़ा जिले के हवालबाग स्थित विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 52वें कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। “खेती में नवीनता, पोषण में श्रेष्ठता” थीम पर आयोजित इस मेले में प्रदेश भर से 1500 से अधिक किसानों और उत्पादक संगठनों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. मांगी लाल जाट, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारत सरकार एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. देवेन्द्र कुमार यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) और डॉ. राजबीर सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली उपस्थित रहे। मेले की गतिविधियों का औपचारिक आरंभ कृषकों के प्रक्षेत्र भ्रमण के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने संस्थान द्वारा विकसित की जा रही उन्नत फसलों और नवीन कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। कार्यक्रम का महत्वपूर्ण आकर्षण ‘शताब्दी महिला छात्रावास’ का शिलान्यास रहा । इसके उपरांत कृषि विज्ञान मेले का विधिवत उद्घाटन और प्रदर्शनी स्टालों का भ्रमण किया गया, जहां मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने वैज्ञानिकों से नवीनतम शोधों पर चर्चा की।

संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों और कृषकों का अभिनंदन करते हुए संस्थान की उपलब्धियों और पर्वतीय किसानों के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों का विवरण प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि डॉ. मांगी लाल जाट, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारत सरकार एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने संस्थान के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास और नई प्रजातियों के विकास की उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से ‘वी.एल. त्रिपोषी’ और ‘सुपोषिता’ जैसी बायोफोर्टिफाइड मक्का किस्मों को पोषण सुरक्षा की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया।

डॉ. राजबीर सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने अपने संबोधन में पर्वतीय कृषि के विकास में विस्तार शिक्षा और तकनीकी हस्तांतरण की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया गया।

किसान मेले में आयोजित प्रदर्शनी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनेक संस्थानों, कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों द्वारा प्रतिभाग किया गया । लगभग 40 प्रदर्शनियां लगाई गईं। मेले में आयोजित कृषक गोष्ठी में पर्वतीय कृषि से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

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