August 15, 2026

आत्मनिर्भर भारत’ अभियान से, हमारी आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मजबूत हुआ है:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

Delhi 14 August 2026,

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधित करते हुए सभी देशवासियों को राष्ट्रीय पर्व की हार्दिक बधाई दी और कहा कि कुछ ही घंटों बाद देश अपनी स्वाधीनता के 80वें वर्ष में प्रवेश करेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा तिईरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक है, जिसे हम पूरी शान और श्रद्धा से के साथ फहराते हैं। विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, श्रमिक, और किसान सभी अपने को आगे बढ़ा रहे हैं।

बीते एक दशक प्रयासों से देशमें देश ने तेज गति से समावेशी विकास किया है तथा विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी है। वर्ष 2047 भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारतीय सेना के अदम्य साहस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सटीक हमले करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को प्रदर्शित किया। आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में, खासकर किसानों के लिए, एक निर्णायक कदम है।

राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, आतंकवादी और उनका समर्थन करने वाले चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें अंजाम भुगतना ही होगा. वहीं, राष्ट्रपति ने देश को नक्सल-मुक्त बनाने को एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि भी करार दिया. उन्होंने बस्तर में तेजी से हो रहे विकास और सांस्कृतिक भागीदारी का जिक्र किया. इसके साथ ही कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर वैश्विक औसत विकास दर से दोगुनी से अधिक रहने का अनुमान है.

राष्ट्रपति ने कहा, दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में से आधे से ज़्यादा भारत में होते हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दशक में समावेशी विकास की पहलों से 25 करोड़ से ज़्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं. वहीं, मुफ्त राशन योजना 80 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।क्षराष्ट्रपति ने कहा, मैं तीनों सेनाओं, सभी सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिस कर्मियों की कर्तव्य-निष्ठा की सराहना करती हूं. मैं उन भारतीयों की भी सराहना करती हूं जो वैश्विक मंच पर देश का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं. साथ ही विदेशों में भारतीय दूतावासों में काम करने वाले नागरिकों की भी सराहना करती हूं.

राष्ट्रपति ने कहा विश्व के अनेक क्षेत्रों में युद्ध एवं अस्थिरता का सभी देशों पर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी परिस्थिति में भी, हमारे देश की अर्थव्यवस्था, सबसे तेज गति से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रही है। आर्थिक अनुमानों के अनुसार भारत की विकास दर विश्व की औसत विकास दर की तुलना में दोगुने से अधिक रहेगी। ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान से, हमारी आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मजबूत हुआ है आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी भारत विश्वस्तर पर अग्रणी योगदान दे रहा है। Sustainable Development Goals 2030 के कुछ लक्ष्यों को हमारे देश ने समय से पहले ही प्राप्त कर लिया है। Renewable Energy के विकास को पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व गति मिली है।

हमारी विदेश नीति, देश हित पर आधारित है। शांति, सहयोग, संवाद तथा वसुधैव कुटुंबकम् के आदर्श हमारी विदेश नीति के स्तम्भ हैं। आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा पारस्परिक सम्बन्धों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए, हमने अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। Global South के देशों में हम अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। विश्व पटल पर हमारे देश का सम्मान बढ़ा है। हम rules based international order में विश्वास रखते हैं। हमारा प्रयास है कि संयुक्त राष्ट्र संघ सहित, multilateral organisations में विश्व समुदाय का समुचित प्रतिनिधित्व हो। हमारे इस प्रयास को अनेक देशों का प्रबल समर्थन मिल रहा।

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