February 25, 2026

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा:शंकराचार्य ने मामले को प्रशासन और पुलिस की साज़िश बताया,

Prayagraj, 24 February 2026,

18 जनवरी 2026 मौनी अमावस्या के दौरान प्रशासन और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला साधु संतों में आरोप-प्रत्यारोप के बाद पुलिस और अदालत में पहुंच गया है। पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बाल यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। और अब कभी भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी हो सकती है। अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच गया है। अविमुक्तेश्वरानंद ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के जरिए उन्होंने अर्जी दाखिल की है। उनकी इस याचिका पर जल्द सुनवाई हो सकती है।

तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के अंतर्गत जिला अदालत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराए जाने के संबंध में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल अदालत विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी को पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। अदालत के इस आदेश के अनुपालन में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ धारा 351(3), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5l, 6,3,4(2),16 और 17 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच भी शुरू कर दी है।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए अपने ऊपर दर्ज एफआईआर के लिए प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा को जिम्मेदार बताया है।शंकराचार्य ने एक तस्वीर दिखाई है। जिसमें प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल शर्मा केक काटते हुए दिखाई दे रहे हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी उनके बगल में खड़े हैं।

शंकराचार्य ने बताया कि 18 जनवरी मौनी अमावस्या के दिन से ही मेरे ख़िलाफ प्रशासन और पुलिस ने षड्यंत्र करना शुरू कर दिया था। जिस पॉक्सो में तुरंत एफआईआर का प्रावधान है उसमें पुलिस ने ख़ुद कोई मामला दर्ज ना करते हुए कोर्ट से एफआईआर कराती है। शंकराचार्य ने इसे साजिश बताते हुए जांच अधिकारी और शिकायतकर्ता के संबंधों पर सवाल उठाए हैं?

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.