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August 16, 2026

दो माह में एक दीवार तक पार नहीं कर पाई शासन की चिट्ठी

करीब दो माह से शासन की एक चिट्ठी एक दीवार पार कर पुलिस मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाई। यह 40वीं वाहिनी पीएसी के दलनायक की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश था। नतीजा यह हुआ कि जिस कर्मचारी की सेवाएं दिसंबर में समाप्त हो जानी थी, वह अब तक नौकरी करता रहा। ऐसे में गत चार फरवरी को आईजी पीएसी को शासन की अनुमति से दोबारा आदेश करने पड़े। मामले की जांच बैठा दी गई है।

जानकारी के अनुसार 40वीं वाहिनी पीएसी में तैनात दलनायक खजांची लाल पर पिछले साल कई अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मामले में विभागीय जांच की गई तो इन आरोपों की पुष्टि हो गई। विभागीय जांच के बाद गृह विभाग ने भी इसकी अपने स्तर से जांच कराई और उसकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर कर दिए। यह आदेश गत 16 दिसंबर 2025 को हुआ था। सामान्य तौर इस तरह के आदेश दो-चार दिनों में पुलिस मुख्यालय तक पहुंच जाते हैं। बावजूद इसके ऐसा नहीं हुआ

ऐसे में इसकी भनक जब विभागीय अधिकारियों को लगी तो गत चार फरवरी को एक आदेश आईजी पीएसी के स्तर से खजांची लाल की सेवानिवृत्ति का कर दिया गया। डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि यह गंभीर प्रकरण है। इस मामले में जांच डीआईजी पीएसी मुकेश कुमार को दी गई है। उनसे जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऐसा क्यों हुआ। कहीं बीच में आदेश किन्हीं गलत हाथों में तो नहीं पड़ गया।

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