April 5, 2026

फंड के दुरुपयोग का मामला, हाईकोर्ट ने सरकार और बीकेटीसी से तीन सप्ताह में मांगा जवाब

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वर्ष 2012 से 2017 तक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए जारी फंड के दुरुपयोग मामले में सुनवाई हुई। अदालत ने सरकार और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऋषिकेश निवासी अमित शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए फंड जारी हुआ था। इसका दुरुपयोग किया गया है।

फंड का उपयोग उन मंदिरों पर भी किया गया जो बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के तहत नहीं आते हैं। कई कर्मचारियों की अवैध नियुक्तियां की गई जिसकी अनुमति नहीं ली गई। अपने खास लोगों को मंदिर की सेवा में रख लिया गया जो नियमावली के विरुद्ध है। याचिकाकर्ता की ओर से मामले की जांच कराने की प्रार्थना की गई थी।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि पूर्व में कोर्ट ने राज्य सरकार और मंदिर समिति से जवाब पेश करने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया। वहीं राज्य सरकार व मंदिर समिति ने कोर्ट से जवाब पेश करने के लिए अतरिक्त समय की मांग की।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.